लोड हो रहा है...

नरेंद्र मोदी के खिलाफ सिर फोड़ने वाला आदमी चाहिए : कांग्रेस नेता

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

रायपुर. लोकसभा चुनाव की तारीख घोषित होने के बाद नेताओं के नामांकन की प्रक्रिया के साथ जनता के बीच सभाएं शुरू हो चुकी है। जनसभाओं के दौरान नेता विपक्ष पर जुबानी हमले कर रहे हैं। इस दौर में छत्तीसगढ़ की सियासी गलियारों में नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत के बयान की चर्चा हो रही है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल के नामांकन दाखिल करने में साथ पहुंचे चरणदास ने पीएम मोदी पर विवादित बयान दे दिया है।

दरअसल, 2 अप्रैल को पूर्व सीएम भूपेश बघेल के नामांकन रैली के दौरान स्टेट हाई स्कूल में जनसभा को संबोधित करते हुए चरण दास महंत ने पीएम मोदी के खिलाफ विवादित बयान दिया है। चरणदास महंत ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लाठी पकड़ने वाला, सिर फोड़ने वाला आदमी चाहिए। चरण दास महंत ने यह बयान राजनांदगांव से कांग्रेस प्रत्याशी की भूपेश बघेल नामांकन रैली की सभा के दौरान दिया है।

पीएम मोदी के खिलाफ लाठी पकड़ने वाला चाहिए

नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने राजनांदगांव में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी पर निशाना साधा है। इस दौरान चरण दास महंत ने कहा है कि नरेंद्र मोदी के खिलाफ लाठी पकड़ने वाला आदमी चाहिए। नरेंद्र मोदी का सिर फोड़ने वाला आदमी चाहिए और यह आदमी भूपेश बघेल हो सकते हैं, देवेंद्र यादव हो सकते हैं, इन्हें जीताकर दिल्ली भेजिए। चरण दास महंत का यही बयान इस वक्त सुर्खियों में बना हुआ है।

साभार : नवभारत टाइम्स

- Advertisement -

भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

https://www.amazon.in/dp/9392581181/

https://www.flipkart.com/bharat-1857-se-1957-itihas-par-ek-drishti/p/itmcae8defbfefaf?pid=9789392581182

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।