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सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में 2 आतंकवादी ढेर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में सोमवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए। मामले को लेकर एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने दक्षिण कश्मीर जिले के निहामा इलाके में घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी अभियान तब मुठभेड़ में बदल गया जब आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों के एक तलाशी दल पर गोलीबारी की, जिसके बाद सुरक्षा बल के जवानों ने भी जवाबी गोलीबारी की। जिसमें दो आतंकवादी मारे गए।

कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक वी के बिरधी ने बताया कि गोलीबारी में दो आतंकवादी मारे गए। मारे गए आतंकवादियों की पहचान और उनके समूह का पता लगाया जा रहा है। एनकाउंटर पर कश्मीर जोन पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा – “पुलवामा जिले के निहामा इलाके में मुठभेड़ शुरू हो गई है। पुलिस और सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाला हुआ है।” मिली जानकारी के अनुसार, पुलवामा के निहामा इलाके में आतंकी के मौजूद होने की खुफिया जानकारी मिली सेना को मिली थी। जिसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में घेराबंदी कर कार्रवाई को अंजाम दिया।

इस दौरान सुरक्षा बल संदिग्ध ठिकाने की बढ़ रहे थे तभी आतंकियों ने उनके ऊपर गोलीबारी की। जिसके जवाब में सुरक्षा बल के जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए दो आतंकियों को मार गिराया। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 2024 में अब तक सबसे शांतिपूर्ण हालात रहा है। पुलिस आंकड़ों में ऐसा दावा किया गया है कि इस वर्ष अब तक 16 आतंकवादी की घटनाएं हुई हैं। मौतों का आंकड़ा भी काफी कम रहा है। इससे पहले कुपवाड़ा में भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा चलाए गए संयुक्त अभियान में हथियारों, गोला-बारूद और युद्ध सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद किया गया था।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।