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सड़क हादसे में बाल-बाल बचे महाराष्ट्र के मंत्री संजय राठौड़

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के मंत्री संजय राठौड़ की कार शुक्रवार तड़के हादसे का शिकार हो गई। उनकी कार राज्य के यवतमाल जिले में एक पिकअप वैन से टकरा गई। इस दौरान दूसरे वाहन का चालक घायल हो गया। घटना अरनी पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में दिग्रास के पास कोपरा गांव में सुबह करीब 2 बजे हुई। गनीमत रही कि मंत्री की कार के एयरबैग खुल गए और वे सुरक्षित बच गए।

राज्य के मृदा एवं जल संरक्षण मंत्री शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले तैयारियों की समीक्षा करने के बाद पड़ोसी वाशिम जिले के पोहरादेवी से यवतमाल की ओर जा रहे थे। यात्रा के दौरान राठौड़ की कार एक पिकअप से टकरा गई, जिससे दूसरे वाहन का चालक घायल हो गया। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि यवतमाल जिले के संरक्षक मंत्री राठौड़ ने पिकअप चालक को अस्पताल में भर्ती कराया।

प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को वाशिम के पोहरादेवी स्थित जगदंबा माता मंदिर में दर्शन करेंगे। वहां वे बंजारा समुदाय की समृद्ध विरासत को दर्शाने वाले बंजारा विरासत संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे और कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र से जुड़ी 23,300 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे।

बुलढाणा में रेस्तरां में लगी आग, कोई हताहत नहीं

इस बीच बुलढाणा जिले में शुक्रवार सुबह भीषण आग लगने से एक रेस्तरां जलकर खाक हो गया। रायपुर थाने के एक अधिकारी ने बताया कि आग चिखली तालुका के सैलानी इलाके में बस स्टैंड के पास स्थित एक रेस्तरां में सुबह करीब चार बजे लगी थी और घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। आग में रेस्तरां पूरी तरह जलकर राख हो गया। उन्होंने बताया कि बुलढाणा और चिखली से दमकल की गाड़ियों को मौके पर भेजा गया और आग को बुझा लिया गया।

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साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।