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सुप्रीम कोर्ट ने जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के बाघ सफारी पर लगाया प्रतिबंध

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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देहरादून. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बुधवार को उत्तराखंड (Uttarakhand) के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क (Jim Corbett National) में बाघ सफारी पर बैन लगा दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यह साफ है कि राष्ट्रीय वन्यजीव संरक्षण योजना संरक्षित इलाकों से परे वन्यजीव संरक्षण की जरूरत को पहचानती है। आदेश के बाद, अब केवल जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के परिधीय और बफर जोन में बाघ सफारी की छूट दी जाएगी। SC ने कॉर्बेट में अवैध निर्माण, पेड़ों की कटाई की अनुमति देने के लिए उत्तराखंड के पूर्व वन मंत्री रावत, पूर्व प्रभागीय वन अधिकारी को फटकार लगाई।

कॉर्बेट में अवैध निर्माण, पेड़ों की कटाई

सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि नौकरशाहों, राजनेताओं ने सार्वजनिक विश्वास सिद्धांत को कचरे में फेंक दिया है। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में टाइगर सफारी योजना पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर वकील गौरव कुमार बंसल का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को अपने द्वारा की गई जांच पर एक अंतरिम रिपोर्ट प्रदान करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, SC ने यह भी निर्देश दिया है कि सफारी बफर एरिया में हो सकती है या नहीं। फिर SC का कहना है कि जहां तक टाइगर रिजर्व में सफारी के कॉन्सेप्ट का सवाल है तो SC की गठित कमेटी इस पर गौर करेगी और वही शर्तें लगाएगी।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।