लोड हो रहा है...

भाजपा नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ेगी बिहार विधानसभा चुनाव : सम्राट चौधरी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

पटना. बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने गुरुवार (06 जून) को पत्रकारों से बातचीत में 2025 के विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है. सम्राट चौधरी ने कहा है कि 2025 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा इसमें दिक्कत कहां है. बिहार चुनाव प्रबंधन समिति के साथ बैठक के बाद सम्राट चौधरी कहा कि बिहार की जनता ने हमें 75 परसेंट नंबर दिया है. जो लोग दावे कर रहे थे कि पहले 6 फेज के चुनाव में 28 सीट जीत रहे उनको जनता ने जवाब दिया है. हमने बेहतर प्रदर्शन किया है. जहां चूक हुई वो चिंता का विषय है.

दरअसल गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में चुनाव परिणाम पर महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई थी. बैठक में पार्टी के प्रदर्शन पर समीक्षा की गई. इसके बाद सम्राट चौधरी ने मीडिया से बात की. उन्होंने कहा कि हम कई सीट हार गए इस पर समीक्षा होगी और इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है कि आखिर हार क्यों हुई.

‘1996 से नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम कर रही बीजेपी’

सम्राट चौधरी ने कहा कि हम इससे और अच्छा प्रदर्शन कर सकते थे लेकिन क्यों नहीं हुआ इसकी समीक्षा हो रही है. सम्राट चौधरी से पत्रकारों ने सवाल किया कि जेडीयू का कहना है कि 2025 में भी बिहार विधानसभा का चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जाएगा. इस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा है इसमें दिक्कत क्या है? 1996 से नीतीश कुमार के नेतृत्व में बीजेपी काम कर रही है. वर्षों से मांग हो रही है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जे मिले. जेडीयू की ओर से भी इसकी मांग की जा रही है. गुरुवार को जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने भी कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलना चाहिए. विशेष राज्य के दर्जे की मांग के सवाल पर सम्राट चौधरी ने कुछ भी नहीं कहा.

साभार : एबीपी न्यूज

- Advertisement -

फेसबुक पेज : https://www.facebook.com/profile.php?id=61558434413602

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।