लोड हो रहा है...

भारी बारिश के कारण खराब हुए मौसम को देखते हुए रोकी गई श्री अमरनाथ यात्रा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
1 Min Read

जम्मू. जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के कारण शनिवार को अमरनाथ तीर्थयात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। उत्तर और दक्षिण कश्मीर के दोनों बेस कैंप से चलने वाली यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि भारी बारिश के कारण उत्तरी कश्मीर के बालटाल और दक्षिण कश्मीर के नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप से यात्रियों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई है। बालटाल बेस कैंप से यात्रियों को गुफा मंदिर तक पैदल या टट्टुओं पर 14 किलोमीटर लंबा रास्ता तय करना पड़ता है, जबकि पारंपरिक नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप से जाने वालों को 48 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है, जिसमें चार दिन एक तरफ से लगते हैं।

पहलगाम-गुफा मंदिर मार्ग में पहलगाम से चंदनवारी (24 किलोमीटर), चंदनवारी से शेषनाग (13 किलोमीटर), शेषनाग से पंचतरणी (5 किलोमीटर) और पंचतरणी से गुफा मंदिर (6 किलोमीटर) शामिल हैं। 14 किलोमीटर लंबे बालटाल बेस कैंप मार्ग से जाने वाले लोग गुफा मंदिर के अंदर ‘दर्शन’ के बाद उसी दिन बेस कैंप लौट आते हैं।

साभार : नवभारत टाइम्स

भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

- Advertisement -

https://www.amazon.in/dp/9392581181/

https://www.flipkart.com/bharat-1857-se-1957-itihas-par-ek-drishti/p/itmcae8defbfefaf?pid=9789392581182

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।