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अलगाववादी नेता यासीन मलिक की पत्नी को अब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से आस

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

जम्मू. जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हाथापाई और हंगामे पर बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि विधानसभा में संविधान का गला घोंटने की कोशिश हुई. कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस देश तोड़ने का काम कर रही है. ईरानी ने कहा कि अनुच्छेद 370 के हटने के बाद से आतंकी घटनाएं कम हुई हैं. वहीं, यासीन मलिक की पत्नी की चिट्ठी पर ईरानी ने कांग्रेस पर हमला बोला है.

उन्होंने कहा कि आतंक का सहारा लेने वाले गांधी परिवार से मदद मांग रहे हैं. जिन्होंने कश्मीर में आतंक मचाया, बेगुनाहों की जान ली, आज वो गांधी परिवार से मदद के लिए क्यों हाथ बढ़ा रहा है? आज इस कमरे में बैठे किसी भी व्यक्ति से कोई आतंकी सहारा मांग सकता है? तो आखिर ऐसा क्या है कि एक आतंक का सहारा और साथ देने वाले आज गांधी परिवार का सहारा लेना चाहते हैं.

J-K में संविधान का गला घोंटा गया- ईरानी

भारत की संसद और सुप्रीम कोर्ट का निर्णय सबको मान्य है. उस निर्णय को अपमान करने का अधिकार किसने दिया? इंडी अलायंस ने जम्मू कश्मीर में भारतीय संविधान का गला घोंटने की कोशिश की. 370 की बहाली का प्रस्ताव पास करके आदिवासी, दलित और महिलाओं के अधिकारों का हनन करने की कोशिश की गई. इंडी अलायंस के लोग भारत के संविधान के खिलाफ एक नई जंग करते हुए दिखते हैं.

उन्होंने कहा कि संसद के अधिकारों को चैलेंज करने का अधिकार कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस को किसने दिया? 370 हटने के बाद जो दलित और आदिवासी को जो अधिकार दिया गया था उसको कांग्रेस निरस्त क्यों करना चाहती? धारा 370 हटने के बाद आतंकी हमलों में 70 फीसदी कमी हुई है. नई सरकार को जनता के विकास के लिए काम करना चाहिए लेकिन इसके बजाय उलूल जुलुल के काम में लगे हैं.

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स्मृति ईरानी ने कहा कि नई सरकार भारत को जोड़ने के बजाय तोड़ने की कोशिश कर रही है. हम बताना चाहते हैं कि किसी भी तरह धारा 370 हटाने का कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस का प्रयास सफल नहीं होगा.

यासीन की पत्नी ने राहुल को लिखा पत्र

जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के अलगाववादी नेता यासीन मलिक की पत्नी मुशाल हुसैन मलिक ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर पति को इंसाफ दिलाने की मांग की है. इस पत्र में मुशाल ने कहा कि यासीन जम्मू-कश्मीर में शांति स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं. मुशाल ने यह मामला राहुल से संसद में उठाने की अपील की है. यासीन देशद्रोह के आरोप में जेल में बंद हैं. 2022 में एक निचली अदालत ने यासीन को उम्रकैद की सजा सुनाई थी.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।