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कठुआ में सेना के वाहन पर आतंकवादियों के हमले में दो जवान घायल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सोमवार को संदिग्ध आतंकवादियों ने सेना के एक वाहन पर हमला किया। सूचना पर सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस ने इलाके में सर्च अभियान शुरू कर दिया है। रक्षा अधिकारी ने बताया कि कठुआ जिले के माचेडी इलाके में भारतीय सेना के काफिले पर आतंकवादियों ने हमला किया। यह इलाका भारतीय सेना की 9वीं कोर के अंतर्गत आता है। आतंकवादियों की गोलीबारी के बाद हमारे जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस गोलीबारी में सेना के दो जवान घायल हो गए।

इससे एक दिन पहले रविवार को जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकवादी गोलीबारी में एक सैनिक घायल हो गया। अधिकारियों ने बताया कि सैनिक रविवार को उस समय घायल हो गया, जब आतंकवादियों ने राजौरी जिले के मंजाकोट इलाके के गुलाठी गांव में प्रादेशिक सेना के शिविर पर सुबह करीब चार बजे गोलीबारी की। सैनिकों ने जवाबी कार्रवाई की और करीब आधे घंटे तक गोलीबारी जारी रही।

कुलगाम एनकाउंटर में मारे गए छह आतंकी

एक अधिकारी ने बताया कि आतंकवादी मौके से भागने में सफल रहे। उनका पता लगाने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। इस बीच, कश्मीर घाटी के कुलगाम जिले में जारी दो मुठभेड़ों में छह आतंकवादी मारे गए। डीजीपी आर.आर. स्वैन ने छह स्थानीय आतंकवादियों के मारे जाने को सुरक्षा बलों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने बताया कि आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में एक पैरा कमांडो समेत दो सैन्यकर्मियों ने अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।

अपने अंजाम तक पहुंचेगी आतंक के खात्मे की लड़ाई

उन्होंने कहा कि निस्संदेह सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में यह एक बड़ा मील का पत्थर है। ये सफलताएं वास्तविक रूप से और संदेश के लिहाज से भी बहुत सार्थक हैं। स्वैन ने कहा कि अभियान की सफलता इस बात का संकेत है कि जम्मू-कश्मीर में आतंक के खात्मे की लड़ाई अपने अंजाम तक पहुंचेगी।

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साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।