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राजस्थान में आधी रात को कांपी धरती, कोई नुकसान नहीं

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जयपुर. राजस्थान के सीकर में शनिवार की देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.9 दर्ज की गई है. भूकंपीय निगरानी केंद्र के अनुसार, जान-माल के किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं मिली है, जो कि राहत की खबर है. बताया जा रहा है कि भूकंप शनिवार की रात करीब 11.47 पर आया.

सीकर के लोगों ने करीब 10 सेकंड तक ये झटके महसूस किए. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी का अनुमान है कि भूकंप का सेंटर सीकर से 15 किलोमीटरकी दूरी पर और 5 किलोमीटर नीचे था.

देर रात घरों से बाहर निकले लोग
देर रात भूकंप आने के समय ज्यादातर लोग अपने घरों में थे. धरती कांपने ले लोग डर गए और तुरंत घरों के बाहर निकलना शुरू कर दिया. हालांकि, राहत की बात यह रही है कि भूकंप की तीव्रता इतनी नहीं थी कि कोई बड़ा नुकसान कर सके.

इन जिलों में महसूस किया गया भूकंप
जानकारी मिल रही है कि भूकंप के झटके सीकर समेत आसपास के कई जिलों में महसूस किए गए. डीडवाना समेत कुचामन, लाडनूं, सालासर, सीकर खाटू श्याम जी, मकराना तक भूकंप झटकों पता चले हैं.

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क्यों आते हैं भूकंप?
जानकारी के लिए बता दें कि धरती की सतह सात टैक्टॉनिक प्लेट्स से मिल कर बनी है. ये प्लेट्स एक जगह स्थायी नहीं हैं, बल्कि कुछ कुछ समय में तैरती रहती हैं और कभी-कभी एक दूसरे से टकरा भी जाती हैं. टकराने पर प्लेट्स टूटती भी हैं और उस समय जो एनर्जी जनरेट होती है, उसे बाहर निकलने का रास्ता खोजना होता है. इसके बाद धरती की ऊपरी सतह तक डिस्टर्बेंस क्रिएट हो जाता है और भूकंप आते हैं.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।