लोड हो रहा है...

ईडी ने लालू प्रसाद यादव के करीबी पूर्व विधायक अरुण यादव की संपत्ति को किया जब्त

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

पटना. आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के करीबी और पूर्व विधायक अरुण यादव पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा एक्शन लिया है. ईडी ने मनी लांड्रिंग मामले में अरुण यादव की लगभग 25 करोड़ की संपत्ति जब्त की है. इससे पहले ईडी ने इस मामले में फरवरी में अरुण यादव के यहां रेड डाली थी. फरवरी में ईडी का सर्च ऑपरेशन हुआ था. पटना के दानापुर इलाके में राबड़ी देवी के नाम के चार फ्लैट अरुण यादव की विधायक पत्नी किरण देवी के नाम किया गया था.

ईडी ने उनके कई परिसरों पर मारे छापे

ईडी ने आय से अधिक संपत्ति के रखने के आरोप से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के तहत फरवरी 2024 में आरजेडी के पूर्व विधायक अरुण यादव, उनकी पत्नी किरण देवी और कुछ अन्य के परिसरों पर छापेमारी की थी. ईडी ने साल 2024 में आरजेडी विधायक और उनकी पत्नी के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया था.

ईडी ने इस जांच के तहत पहले अरुण यादव और उनके परिवार के कुछ सदस्यों के बयान दर्ज किए थे. साथ ही ईडी ने उनके परिवार के सदस्यों और किरण दुर्गा कॉन्ट्रैक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड की संपत्ति, दस्तावेज और बैंक खातों की डिटेल ली थी. इससे पहले केंद्रीय जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमें पिछले साल मई में और इस साल जनवरी महीने में उनके भोजपुर के अगियांव गांव वाले घर और दानापुर स्थित फ्लैट की तलाशी ली थी.

फर्जी कंपनी बनाकर फ्लैट खरदीने का आरोप

ईडी का आरोप है कि पूर्व विधायक ने अपनी फर्जी कंपनी किरण दुर्गा कॉन्ट्रैक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से मां मराचिया देवी कॉम्प्लेक्स में फ्लैट खरीदे थे. अरुण यादव राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़े जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच के दायरे में भी हैं.

- Advertisement -

साभार : एबीपी न्यूज़

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।