शुक्रवार, सितंबर 18 2026 | 11:44:43 PM

नीट पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 18 जुलाई तक टली

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. नीट पेपर लीक पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई. अब अगले गुरुवार यानी 18 जुलाई को मामले की सुनवाई होगी. इस बीच सीबीआई (CBI) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि नीट पेपर लीक लोकल लेवल पर हुआ था और सोशल मीडिया पर उसे शेयर नहीं किया गया था. इससे पहले एजेंसी ने अपने हलफनामे में बताया था कि परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली नहीं हुई है. बस गोधरा और पटना में गड़बड़ हुई है. गौरतलब है कि सर्वोच्च अदालत आज कई याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर रही है. इसके साथ ही अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक मामले में एक्शन तेज हो गया है.

वहीं केंद्र सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में दायर अपने हलफनामे में कहा- ‘परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का कोई संकेत नहीं मिला है. IIT-मद्रास द्वारा NEET-UG 2024 के रिजल्ट के Data एनालिसिस का हवाला देते हुए केंद्र ने यह भी कहा कि NEET-UG 2024 में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जो साबित करे कि स्थानीय उम्मीदवारों को ज्यादा फायदा मिलने की वजह से उन्हें बहुत ज्यादा नंबर मिले हो.

अन्य पेपर लीक में जांच तेज

रेलवे ग्रुप डी परीक्षा में पेपर लीक के मामले में उत्तर प्रदेश के 2 विधायक शिकंजे में फंसते दिख रहे हैं. कोर्ट दोनों विधायको के खिलाफ वारंट जारी किया है. STF ने दोनों विधायकों के खिलाफ 2006 में FIR दर्ज करवाई थी. दोनों के पास लीक पेपर बरामद होने का दावा भी किया गया था. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गाजीपुर से ओम प्रकाश राजभर की पार्टी के विधायक बेदीराम और भदोही की ज्ञानपुर से निषाद पार्टी के विधायक विपुल दुबे के खिलाफ वारंट जारी किया है. कुछ दिन पहले SBSP के विधायक बेदी राम का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें वो पेपर लीक में शामिल होने की बात कबूल करते सुने गए थे.

साभार : जी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।