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चारधाम रूट पर डंपिंग जोन हेतु उचित स्थानों के चिन्हीकरण के निर्देश

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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देहरादून. मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कैबिनेट सेक्रटरी, भारत सरकार की अध्यक्षता में चौथी मुख्य सचिव कॉन्फ्रेस की तैयारियों तथा स्वच्छता ही सेवा अभियान के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में आयोजित विडियों कॉन्फ्रेसिंग में प्रतिभाग किया। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि स्वच्छता ही सेवा अभियान के प्रभावी व सफल संचालन के लिए  अधिकारियों को प्रदेशभर में जनभागीदारी, जागरूकता, एडवोकेसी के साथ सार्वजनिक व वाणिज्यिक स्थलों, कार्यालयों, संस्थानों, सड़कों, राजमार्गो, बाजारों, ट्रैकिंग व कैंपिंग स्थलों व अन्य पर्यटन व धार्मिक स्थलों में बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान चलाने के साथ ही सफाई मित्रों के लिए स्वास्थ्य जांच व सामाजिक सुरक्षा कवरेज हेतु सिंगल विण्डों कैम्प लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही स्वयं सहायता समूहों व एनजीओ की भागीदारी भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि चारधाम मार्गों में मलबे की समस्या के समाधान के लिए  चारधाम रूट पर डंपिंग जोन हेतु उचित स्थानों के चिन्हीकरण के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सचिव पेयजल व जिलाधिकारियों को सभी एसटीपी के निरीक्षण व जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।  सभी एसटीपी को ड्रेनेज सिस्टम से जोड़ने की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश सभी डीएम को दिए। सफाई मित्रों की सामाजिक  व बीमा के मुद्दे पर संवेदनशीलता से कार्य करने की हिदायत देते हुए जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वच्छता ही सेवा अभियान के दौरान सफाई मित्रों के लिए व्यापक स्तर पर सिंगल विण्डो कैम्प लगाकर उनकी सामाजिक सुरक्षा तक पहुंच में बढ़ाकर कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए।

स्वास्थ्य विभाग को सफाई मित्रों के लिए हेल्थ कैम्प लगाकर स्वास्थ्य व चिकित्सा सेवाएं, जांच व उपचार के साथ ही अन्य सभी सम्बन्धित विभागों की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि आगामी मुख्य सचिव कॉन्फ्रेंस की बेहतरीन तैयारी हेतु सभी अधिकारियो के साथ समीक्षा बैठक की जाएगी तथा युवा फील्ड अधिकारियो के सुझाव भी लिए जाएंगे |बैठक में सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, शैलेश बगौली सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

मा.स./विक्रम सिंह

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।