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सुरक्षाबलों से मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के 3 आतंकवादी ढेर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में सुरक्षाबलों को बुधवार (11 सितंबर) को बड़ी कामयाबी मिली है. सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में तीन आतंकवादियों को ढेर कर दिया है. आतंकवादियों की तलाश के लिए सेना के विशेष बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया था. सूत्रों ने बताया कि फिलहाल ऑपरेशन जारी है. माना जा रहा है कि ढेर किए गए तीनों आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के हैं. दरअसल, सुरक्षाबलों को उधमपुर के बसंतगढ़ इलाके में जैश-ए-मोहम्मद के 4 आतंकवादियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद से ही इलाके को घेर कर तलाश की जा रही थी. पुलिस ने बताया कि दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग की गई.

चुनाव में हिंसा की है कोशिश

खुफिया जानकारी के मुताबिक, आतंकियों की कोशिश जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में हिंसा फैलाना है. इस संबंध में बीते दिनों ही हिंसा की छिटपुट घटानाएं भी देखने को मिली थीं. एक अधिकारी ने बताया, स्थानीय पुलिस और सेना की संयुक्त टीम ने बसंतगढ़ के खंडरा टॉप में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया.

‘सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू की’

अधिकारी ने बताया, ‘सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम छिपे हुए आतंकवादियों के करीब पहुंची, उन्होंने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई.’ इससे पहले बुधवार को जम्मू जिले के अखनूर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी में बीएसएफ का एक जवान घायल हो गया था.

पाकिस्तान ने किया उल्लंघन

बता दें कि पाकिस्तान की तरफ से द्विपक्षीय संघर्ष विराम समझौते का यह उल्लंघन जम्मू-कश्मीर में 10 साल के अंतराल के बाद होने वाले विधानसभा चुनावों से कुछ दिन पहले हुआ है. बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने कहा था, 11 सितंबर को सीमा पार से अखनूर इलाके में गोलीबारी की घटना हुई, जिसका बीएसएफ के जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया. विधानभा चुनाव को देखते हुए जवान भी हाई अलर्ट पर हैं.

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साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।