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अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. अमरनाथ श्राइन बोर्ड और जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने जहां 29 जून से शुरू होनेवाली अमरनाथ यात्रा के लिए कमर कस ली है वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने आज जम्मू-कश्मीर के सुरक्षा हाालात पर एक बैठक की। इसमें अमरनाथ यात्रा को लेकर भी सुरक्षा की स्थिति पर चर्चा हुई है। गृह मंत्री ने एनएसए अजीत डोभाल और सेना प्रमुखों के साथ यह उच्चस्तरीय बैठक की।

आतंकवाद रोधी अभियान तेज कर सकते हैं सुरक्षा बल

सूत्रों के मुताबिक बैठक में गृह मंत्री को जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। आने वाले दिनों में सुरक्षाबल वहां आतंकवाद रोधी अभियान तेज कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के खिलाफ अभियान प्रधानमंत्री के निर्देशानुसार चलाया जाएगा।

ये अधिकारी बैठक में शामिल

इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी शामिल हुए। इसके साथ ही इस बैठक में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका, सीआरपीएफ के महानिदेशक अनीश दयाल सिंह, जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक आरआर स्वैन और अन्य शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सेना के चीफ, वाईस चीफ, सेना के 15 और 16 कोर कमांडर भी बैठक में मौजूद रहे।

बता दें कि अमरनाथ  यात्रा 29 जून से शुरू होकर 19 अगस्त को समाप्त होगी।  अमरनाथ यात्रा के लिए ऑनलाइन हेलीकॉप्टर बुकिंग 1 जून से शुरू होगी। वहीं गुफा  तक हेलीकॉप्टर सेवा की दरों की घोषणा जल्द ही श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड द्वारा की जाएगी।

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दो मार्गों से होती है अमरनाथ यात्रा

आपको बता दें कि वार्षिक यात्रा दो मार्गों से होती है – अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम मार्ग और गंदेरबल जिले में 14 किलोमीटर लंबा छोटा लेकिन खड़ी चढ़ाई वाला बालटाल मार्ग। इस यात्रा में दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु आते हैं जो अमरनाथ गुफा मंदिर के भीतर भगवान शिव की प्राकृतिक रूप से बनी बर्फ के हिमलिंग के दर्शन करने आते हैं।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।