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वीआईपी पार्टी के प्रमुख मुकेश साहनी के पिता की घर में घुसकर हत्‍या

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. विकासशील इंसान पार्टी (VIP) पार्टी के प्रमुख और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी के पिता जीतन साहनी की दरभंगा जिले के बिरौल अनुमंडल स्थित अफ़ज़ल्ला पंचायत के सुपौल बाजार स्थित उनके पैतृक घर में हत्या कर दी गई है. घर के अंदर क्षत-विक्षत शव मिला है. दरभंगा के एसएसपी जगुन्नाथ रेड्डी ने घटना की पुष्टि की है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.

शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिला है और शरीर पर जख्म के कई निशान दिख रहे हैं. तस्वीरों को देखने से ऐसा लग रहा है कि चाकू से कई बार हमला किया है. हालांकि, अभी हत्या कैसै हुई और क्यों हुई? इसपर पुलिस की ओर से कोई अधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. जानकारी के मुताबिक जीतन सहनी के अलावा घर में 2 से 3 नौकर और ड्राइवर रहते थे. हत्या के लिए धारदार हथियार का प्रयोग किया गया है, जिसके चलते शव क्षत-विक्षत पड़ा हुआ था.

घटनास्थल पर पुलिस के बड़े अधिकारी पहुंचे हैं और छानबीन शुरू कर दी है. फिलहाल हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है.  सूत्रों के मुताबिक, आपसी रंजिश को लेकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है. फिलहाल, मुकेश सहनी हैदराबाद में हैं और रात 9:00 बजे तक घर पहुंचने की उम्मीद है. घटनास्थल पर लोगों की भीड़ लग गई है. सुबह-सुबह इस हत्या की खबर से लोग परेशान है.

बता दें कि मुकेश सहनी विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख हैं और बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. फिलहाल सहनी की पार्टी का गठबंधन इंडिया गठबंधन के साथ है. घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और सहनी भी बिहार से बाहर हैं. केंद्र सरकार में मंत्री और बिहार के बड़े नेता जीतन राम मांझी ने एक्स पोस्ट में कहा, “वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी के पिता की हत्या की सूचना से स्तब्ध हूं. मैं राज्य सरकार से मांग करता हूं कि दोषियों को अविलंब गिरफ्तार कर स्पीडी ट्रायल कराया जाए. मैं और मेरी पार्टी इस दुख की घड़ी में हर तरह से मुकेश सहनी जी के साथ है.”

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दरभंगा के वरीय पुलिस अधीक्षक  जगुन्नाथ रेड्डी जला रेड्डी ने बताया कि मुकेश सहनी के पिता की हत्या के मामले में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक काम्या मिश्रा के नेतृत्व में के एसआईटी का गठन किया गया है, जिसमें बिरौल अनुमंडल के अनुमंडल पुलिस अधिकारी मनीष कुमार चौधरी एवं बिरौल थाना अध्यक्ष भी शामिल है.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।