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डोडा और किश्तवाड़ में सेना की रैली भर्ती में जुटे भारी संख्या में स्थानीय निवासी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. भारतीय सेना ने लद्दाख के सुदूर इलाकों को 4G टावरों से अब जोड़ दिया है। भारतीय सेना ने एयरटेल के साथ मिलकर इस पूरे कार्यसत्र में लद्दाख के 20 से अधिक सुदूर इलाकों में 4G कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया है। ये सभी इलाके 13,000 फीट से भी ऊपर हैं और यहां तापमान शून्य से 40 डिग्री नीचे है। बता दें कि विकसित भारत के तहत भारतीय सेना द्वारा लद्दाख के सुदूर इलाकों को 4G नेटवर्क से जोड़ा गया है। वहीं दूसरी तरफ जम्मू के डोडा और किश्तवाड़ में लगातार हुए आतंगी हमलों को बावजूद भारतीय सेना द्वारा रैली भर्ती की शुरुआत कर दी गई है।

जम्मू कश्मीर में सेना की रैली भर्ती

जम्मू कश्मीर के दूर-दराज इलाकों से आए कश्मीर युवक इस रैली भर्ती में जोरों-शोरों से हिस्सा ले रहे हैं। अभी तक इनकी संख्या 14 हजार से ज्यादा हो चुका है। आतंकवाद को डोडा और किश्तवाड़ के युवाओं ने रैली भर्ती में शामिल होकर जवाब दे दिया है। बता दें कि भारतीय सेना में शामिल होने के लिए रैली भर्ती में शामिल हुए इन युवाओं का वीडियो फुटेज भी जारी किया गया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कैस हजारों की संख्या में युवा लड़के रैली भर्ती में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं और भारतीय सेना में शामिल होने को लेकर उनके भीतर उत्साह भी देखने को मिल रहा है।

आतंक पर सेना का प्रहार

बता दें कि आए दिन जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले देखने को मिल रहे हैं और भारतीय सेना द्वारा आतंकी हमलों का बखूबी जवाब दिया जा रहा है। इस बीच पिछले तीन सालों में सीमावर्ती जिलों राजौरी और पुंछ में घातक हमलों के बाद इस साल आतंकवादी गतिविधियां जम्मू क्षेत्र के 6 अन्य जिलों में फैल गईं, जिनके कारण 18 सुरक्षाकर्मियों और 13 आतंकवादियों समेत 44 लोगों की मौत हुई। बता दें कि इस साल रियासी, डोडा, किश्तवाड़, कठुआ, उधमपुर और जम्मू में सिलसिलेवार रूप से आतंकी घटनाएं देखने को मिली थीं। हालांकि सुरक्षाबलों द्वारा लगातार आतंक पर प्रहार किया जा रहा है।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।