गुरुवार, सितंबर 17 2026 | 03:28:04 PM

गुलाम नबी आजाद ने वापस लिया नामांकन, नहीं लड़ेंगे लोकसभा चुनाव

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद 2024 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे. उन्होंने नॉमिनेशन फाइल करने के बाद अपना नाम वापस ले लिया है. गुलाम नबी आजाद जम्मू-कश्मीर की अनंतनाग सीट से अपना नामांकन दाखिल किया था. आजाद ने 2022 में कांग्रेस छोड़ दी थी. उन्होंने कांग्रेस के साथ अपने पांच दशक लंबे जुड़ाव को समाप्त करते हुए राजनीतिक संगठन-डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) का गठन किया. इससे पहले, आजाद ने 2014 का लोकसभा चुनाव उधमपुर संसदीय क्षेत्र से लड़ा था और वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता जितेंद्र सिंह से हार गए थे.

डीपीएपी के प्रांतीय अध्यक्ष, कश्मीर, मोहम्मद अमीन भट ने कहा कि पार्टी ने अब अपने नेता मोहम्मद सलीम पार्रे को सीट से मैदान में उतारने का फैसला किया है. उन्होंने कहा, “आजाद के साथ एक बैठक हुई और निर्णय लिया गया कि वकील सलीम पारे अनंतनाग-राजौरी सीट के लिए डीपीएपी के उम्मीदवार होंगे.” डीपीएपी नेता ने उन कारणों का खुलासा किए बिना कहा कि आजाद के पास चुनाव न लड़ने के कुछ कारण हैं.  भट्ट ने कहा, “उन्होंने (बैठक में) कुछ कारण बताए और फिर हमने पार्रे को सीट से मैदान में उतारने का फैसला किया.”

नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद को चुनौती दी कि वह ‘‘कैमरे के पीछे छिपने” और उनकी पार्टी को निशाना बनाकर बयान देने के बजाय उनके खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ें. जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री आजाद को अनंतनाग-राजौरी लोकसभा सीट से डीपीएपी उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया था, लेकिन उन्होंने बाद में कहा कि वह अपनी उम्मीदवारी को लेकर निश्चित रूप से नहीं बता सकते क्योंकि पार्टी ने उनसे इस बारे में सलाह नहीं ली थी.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।