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पूर्व सांसद नवनीत राणा की जनसभा में हुआ हंगामा, फेंकी गई कुर्सियां

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई. महाराष्ट्र के अमरावती में बीजेपी की स्टार प्रचारक नवनीत राणा की जनसभा में जमकर हंगामा हुआ. मामला शनिवार (16 नवंबर) का है, जब अमरावती जिले के दरियापुर तालुका के खल्लार में नवनीत राणा की सभा में बवाल मच गया. लोग एक दूसरे पर कुर्सियां फेंकते और नारेबाजी करते दिखे. बवाल के बीच सुरक्षाकर्मियों ने नवनीत राणा को सुरक्षित बाहर निकाला.

गौरतलब है कि बीजेपी की स्टार प्रचारक और पूर्व सांसद नवनीत राणा शनिवार (17 नवंबर) को दरियापुर से युवा स्वाभिमान पार्टी के प्रत्याशी के लिए प्रचार कर रही थीं. उनके प्रचार के लिए एक बैठक आयोजित की गई थी. इस बैठक में किसी बात पर बहस छिड़ गई, जिसने हंगामे का रूप ले लिया. इसके बाद कार्यकर्ता एक दूसरे पर कुर्सियां फेंकने लगे. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

नवनीत राणा ने पुलिस में दी शिकायत

इस मामले में नवनीत राणा की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है. पूर्व सांसद नवनीत राणा अपनी रैली में हिंसा को देखते हुए अपने समर्थकों के साथ खल्लार पुलिस स्टेशन पहुंची थीं. उनकी शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया और कार्रवाई करते हुए वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है. पुलिस इस मामले में स्थिति पर कड़ी नजर रखे है. शनिवार शाम ही पुलिस ने घटनास्थल पर सुरक्षा बढ़ाई, जिसके बाद शांति का माहौल बन सका.

नवनीत राणा को मिल चुकी है धमकी

मालूम हो, अक्टूबर 2024 में पूर्व सांसद नवनीत राणा को लेटर के जरिए धमकी मिली थी, जिसमें उनसे 10 करोड़ रुपये फिरौती मांगी थी. यह खत उन्हें स्पीड पोस्ट के जरिए आया था, जिस पर आमिर नाम लिखा था. इसके बाद पूर्व सांसद के निजी सचिव ने अमरावती के राजापेठ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी. तहरीर में बताया गया था कि नवनीत राणा के एक स्टाफ मेंबर को यह पत्र मिला था.

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साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।