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भूस्खलन के कारण सिक्किम में फंसे पर्यटकों को निकालने का काम दूसरे दिन भी जारी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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इंफाल. भारत सरकार के ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान मंगलवार को नामची पहुंचे। यहां पहुंचने पर उनका स्वागत किया किया गया। दूसरी ओर, दूसरे दिन भी मंगन जिले में फंसे हुए पर्टयकों को निकालने का काम जारी है। अभी तक 15 पर्यटकों को निकाला जा चुका है। पर्यटकों ने सिक्किम सरकार, भारतीय सेना, बीआरओ, स्थानीय प्रशासन और स्थानीय लोगों की जमकर तारीफ की।

मंत्री कमलेश पासवान मंगलवार को नामची पहुंचे। यहां पहुंचने पर उनका स्वागत किया किया गया। दूसरी ओर, दूसरे दिन भी मंगन जिले में फंसे हुए पर्टयकों को निकालने का काम जारी है। अभी तक 15 पर्यटकों को निकाला जा चुका है। पर्यटकों ने सिक्किम सरकार, भारतीय सेना, बीआरओ, स्थानीय प्रशासन और स्थानीय लोगों की जमकर तारीफ की।

दूसरे दिन भी सिक्किम से पर्यटकों को निकालने का काम जारी

लाचुंग और मंगन जिले के उत्तरी क्षेत्रों में फंसे पर्यटकों को निकालने के दूसरे दिन, अब तक 15 पर्यटकों को निकाला जा चुका है। जिले के प्रशासनिक अधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारियों, बीआरओ, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्वयंसेवकों के साथ पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में अथक प्रयास कर रहे हैं।

पर्यटकों ने किया सरकार और स्थानीय लोगों का आभार

लाचुंग और मंगन में फंसे पर्यटकों को निकालने का काम मंगलवार को भी जारी रहा। मंगलवार खबर लिखे जाने तक 15 पर्यटकों को निकाला चा चुका था। इस् दौरान पर्यटकों ने सिक्किम सरकार, स्थानीय प्रशासन, भारतीय सेना और खासकर स्थानीय लोगों की जमकर तारीफ की। उत्तर प्रदेश से आए पर्यटकों ने कहा, हम लोग बाढ़ और भूस्खलन में फंस गए थे। लेकिन सिक्किम सरकार ने पूरी मदद की। हम सभी को सुरक्षित निकाला। हम लोगों को किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई। उन्होने कहा, स्थानीय लोगों ने काफी मदद की।

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साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।