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गैर-हिंदुओं और रोहिंग्याओं का प्रवेश मना- रुद्रप्रयाग में हिंदूवादी संगठन ने लगाए पोस्टर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रुद्रप्रयाग. जिले में गैर हिंदुओं और रोहिंग्याओं की एंट्री पर रोक लगाने वाले पोस्टर लगाए गए हैं. ये पोस्टर भैरव सेना नाम के एक स्थानीय हिंदुत्व समर्थक संगठन ने लगाये। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के कई गांवों में ‘गैर-हिंदुओं’ और ‘रोहिंग्या मुसलमानों’ की एंट्री पर रोक लगाने वाले साइनबोर्ड लगाए गए हैं. जिसको लेकर राजनीति तेज हो गई है. AIMIM और कांग्रेस ने इस तरह के पोस्टर्स लगाने पर विरोध जताया है. वहीं मामले की खबर मिलने के बाद उत्तराखंड पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

उत्तराखंड पुलिस के प्रवक्ता दिनेश भरने ने बताया कि रुद्रप्रयाग में कुछ पोस्टर लगाने का मामला सामने आया था. जिसमें पुलिस द्वारा ग्रामीणों और स्थानीय लोगों के साथ बातचीत से समन्वय बनाने की कोशिश की गई है. यदि कोई माहौल बिगाड़ने की कोशिश करता है तो उस पर सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की जाएगी. चमोली में यौन उत्पीड़न की एक घटना हुई थी. जिसके बाद कुछ स्थानीय लोगों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. लेकिन विरोध प्रदर्शन की चिंगारी रुद्रप्रयाग तक पहुंच गई. और रुद्रप्रयाग के गई गांवों में पोस्टर लगा दिए गए.

गैर हिंदू/रोहिंग्या मुसलमानों व फेरी वालों का गांव में व्यापार करना/ घूमना वर्जित है. अगर गांव में कहीं भी मिलता है तो दण्डात्मक व कानूनी कार्रवाई की जायेगी।
ये पोस्टर भैरव सेना नाम के एक स्थानीय हिंदुत्व समर्थक संगठन की तरफ से लगाए गए हैं. रुद्रप्रयाग के स्थानीय निवासी अशोक सेमवाल (जो खुद को भैरव सेना का जिला अध्यक्ष बताते हैं ) ने बताया, ‘हम लोग काम करने के लिए नीचे आ जाते हैं. और गांव में महिलाएं अकेली रहती हैं. जिसकी वजह से वारदात होने का खतरा रहता है. इसलिए हमने पोस्टर लगाए ताकि बिना सत्यापन और  पहचान पत्र के कोई भी गांव में एंट्री नहीं कर पाए. बीते दिनों हमारे मंदिरों में चोरी भी हुई थी. जिसकी सुरक्षा को देखते हुए हमने यह कदम उठाया है.’

इस मामले को लेकर AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष नय्यर काजमी ने उत्तराखंड के DGP से मुलाकात की. और गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध वाले साइनबोर्ड और मुसलमानों के खिलाफ हो रही घटनाओं पर कार्रवाई की मांग की. वहीं इस मामले में कांग्रेस की भी प्रतिक्रिया आई है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल ने कहा कि अपराधी को अपराधी की तरह से देखना चाहिए. पूरे समाज को उसकी सजा नहीं देनी चाहिए. अगर किसी ने अपराध किया है तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए.

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मा.स./विक्रम सिंह

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।