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उधमपुर में सुरक्षाबलों पर आतंकवादी हमले में एक जवान का बलिदान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

जम्मू. जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ सामने आई है। इस मुठभेड़ में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का एक इंस्पेक्टर शहीद हो गया। आतंकियों के साथ यह मुठभेड़ ऊधमपुर के डुडु तहसील के चिल इलाके में हुई। डीआईजी मोहम्मद भट ने रविवार को दोपहर करीब तीन बजे सुरक्षाबल गश्त लगाने का काम कर रहे थे और इसी दौरान सुरक्षाबलों का आतंकियों के साथ आमना-सामना हो गया। इसके बाद दोनों तरफ से गोलीबारी हुई। सुरक्षाबलों ने आतंकियों के सफाए के लिए सर्च एंड डेस्टॉय ऑपरेशन लांच किया है। मुठभेड़ में सीआरपीएफ के बलिदानी इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह हरियाणा के रहने वाले थे। जहां मुठभेड़ हुई वह इलाका डुडु से करीब साढ़े सात किलोमीटर दूर पड़ता है। जब आतंकियों ने फायरिंग की तो उस वक्त गश्ती दल में सीआरपीएफ के साथ एसओजी और लोकल पुलिस के जवान मौजूद थे।

अस्पताल ले जाते वक्त हुई मौत

कुलदीप सिंह सीआरपीएफ की 187वीं बटालियन में इंस्पेक्टर थे। यह घटना उस वक्त हुई जब सीआरपीएफ के टुकड़ी गश्त पर थी। तभी मक्के के खेत में छिपे बैठे आतंकियों ने एकदम से फायरिंग दी। शुरुआत में आतंकवादी भागने में सफल रहे, लेकिन सुरक्षा बलों ने उनका पीछा किया। जानकारी के अनुसार कुलदीप सिंह को आतंकियों की गोली लगी थी। बाद में अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद मौके पर अतिरिक्त बल भेजा गया है। आतंकवादियों को पकड़ने और उन्हें बेअसर करने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया गया है।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।