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भाजपा नेता विनोद तावड़े पर लगा पैसे बांटने का आरोप

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई. महाराष्ट्र के वसई विरार में जमकर हंगामा हुआ है. यहां बहुजन विकास अघाड़ी ने बीजेपी नेता विनोद तावड़े पर पैसे बांटने का आरोप लगाया है. हालांकि, विनोद तावड़े ने इन आरोपों से इनकार किया है. उनका कहना है कि पैसे उनके नहीं थे. बताया जा रहा है कि एक होटल में जब ये झगड़ा हुआ, उस वक्त बीजेपी नेता विनोद तावड़े और नालासोपारा के बीजेपी उम्मीदवार राजन नाइक को बहुजन विकास अघाड़ी के कार्यकर्ताओं ने घेर लिया. पूरी घटना विरार ईस्ट मनवेलपाड़ा के विवांत होटल में हुई.

गाड़ी की जांच करने की मांग

बहुजन विकास अघाड़ी के नेताओं ने बीजेपी नेता विनोद तावड़े की गाड़ी की जांच करने की मांग की है. वोटिंग से ठीक एक दिन पहले हुई इस घटना ने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है. विपक्ष मामले को लेकर बीजेपी को घेरने में लगा है. बता दें कि महाराष्ट्र की सभी 288 सीटों पर कल वोटिंग होने वाली है.

‘बीजेपी धन बल से चुनाव जीतने की कोशिश में लगी’

इसी बीच शिवसेना यूबीटी की नेता प्रियंका चतुर्वेदी की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि बीजेपी सिर्फ धन बल के प्रभाव से चुनाव जीतने की कोशिश में लगी है. जो काम चुनाव आयोग को करना चाहिए था, वो जनता कर रही है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को मामले में संज्ञान लेना चाहिए. चुनाव आयोग को लेकर हमारा भरोसा टूट गया है. दिन- रात हमारे नेताओं के बैग चेक होते रहे लेकिन कुछ नहीं मिला. वहीं बीजेपी नेता विनोद तावड़े का बैग चेक नहीं किया गया वे कैसे बांट रहे हैं.

चुनाव आयोग को तुरंत एक्शन लेना चाहिए- नाना पटोले

महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि चुनाव प्रचार बंद होने के बाद विनोद तावड़े वहां क्या कर रहे थे. चुनाव आयोग के नियम का उन्होंने उल्लंघन किया है. बीजेपी ने महाराष्ट्र में सरकार को तोड़ने के लिए विधायकों को खरीदा था ये सबको पता है. अब हारने के डर से वे महाराष्ट्र के लोगों को पैसा बांटकर चुनाव जीतना चाहते हैं. बीजेपी का कान्सेप्ट क्लियर हो गया है. चुनाव आयोग को तुरंत एक्शन लेना चाहिए.

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साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।