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काफिले की गाड़ी से ही टकराई जितिन प्रसाद की कार, केन्द्रीय मंत्री सहित तीन घायल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. केंद्रीय मंत्री और सांसद जितिन प्रसाद एक सड़क हादसे में घायल हो गए. वो अपने संसदीय क्षेत्र पीलीभीत में दौरे पर थे. इस दौरान मंत्री की गाड़ी, काफिले में चल रही एक गाड़ी से टकरा गई. जितिन प्रसाद सहित रसोइया और निजी सचिव भी घायल हुए हैं. केंद्रीय मंत्री ने रास्ते मे क्षतिग्रस्त हुई गाड़ी को मौके पर ही छोड़ दिया, दूसरी गाड़ी में बैठकर कार्यक्रम के लिए रवाना हुए.

ये घटना मझोला-विज्टी रोड स्थित बहरूआ गांव में हुई. जितिन प्रसाद के सर में मामूली चोट लगी है. काफिले की गाड़ी तेज रफ्तार में थी, जिसके चलते जोरदार टक्कर हुई और कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई.

मंत्री की कार को कैसे लगी टक्कर?

दरअसल, केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर थे. इस दौरान उनके काफिले में शामिल एस्कॉर्ट कार ने अचानक से ब्रेक लगाई ऐसे में जितिन प्रसाद की गाड़ी भी रुक गई लेकिन पीछे से आ रही कार ने अपनी संतुलन नहीं बना पाया और उनकी कार को टक्कर मार दी. इस घटना में कार तो क्षतिग्रस्त हो गई और जितिन प्रसाद को भी मामूली चोट आई. हादसे के बाद मंत्री बहरवा के लिए दूसरी कार में रवाना हो गए.

बाढ़ की चपेट में आने वाले इलाकों का कर रहे दौरा

अपने संसदीय इलाके में जितिन प्रसाद बाढ़ की चपेट में आए गांवों और इलाकों का दौरा करने के लिए पहुंचे थे. काफिले में उनके साथ बीजेपी के जिला अध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह, एमएलसी सुधीर गुप्ता और विधायक प्रवक्तानंद की गाड़ियां भी शामिल थीं. बीते दिनों भारी बारिश के बाद आई बाढ़ ने इलाके के कई गावों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वहां का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।