मुजफ्फरनगर ।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में कानून-व्यवस्था और पुलिस गश्त की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। मुजफ्फरनगर में 2013 के सांप्रदायिक दंगों की 13वीं बरसी पर शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर विवादित पोस्टर लगाए जाने और समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक के पुलिस सुरक्षा को चकमा देकर सहारनपुर पहुँचने के मामले को शासन और प्रशासन ने अत्यधिक गंभीरता से लिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार वर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए ड्यूटी में कोताही और लापरवाही बरतने के आरोप में कुल 14 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
विवादित पोस्टर प्रकरण: पुलिस गश्त और निगरानी पर उठे सवाल
दंगों की बरसी के अवसर पर रोडवेज बस स्टैंड और प्रकाश चौक समेत शहर के कई प्रमुख चौराहों पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तस्वीर के साथ संवेदनशील और विवादित संदेश लिखे पोस्टर चस्पा किए गए थे। पोस्टरों में लिखा था— “न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे”।
सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी पोस्टरों को हटवाया। शुरुआती सीसीटीवी फुटेज की जांच में बस से उतरे दो संदिग्ध युवकों को पोस्टर लगाते हुए देखा गया है। रात की गश्त में ढिलाई बरतने के आरोप में सिविल लाइंस थाने और स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) के 8 कर्मचारियों पर सस्पेंशन की गाज गिरी है।
सांसद हरेंद्र मलिक का सुरक्षा घेरा तोड़ना
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एक ध्वस्त मस्जिद स्थल के निरीक्षण के मद्देनजर सपा सांसद हरेंद्र मलिक को उनके मुजफ्फरनगर स्थित आवास पर ही पुलिस निगरानी में (हाउस अरेस्ट) रखा गया था। इसके बावजूद, सांसद पुलिस बल को चकमा देकर सहारनपुर पहुँच गए और निरीक्षण का कार्य पूरा किया।
सुरक्षा में हुई इस गंभीर चूक के चलते शहर कोतवाली में तैनात दो उपनिरीक्षकों और चार कांस्टेबलों को लापरवाही का जिम्मेदार मानते हुए निलंबित किया गया है।
निलंबित किए गए 14 पुलिसकर्मियों का ब्योरा
एसएसपी द्वारा की गई इस अनुशासनात्मक कार्रवाई में 5 अधिकारी (उपनिरीक्षक) और 9 आरक्षी शामिल हैं:
| पुलिस पद (Designation) | निलंबित पुलिसकर्मियों की संख्या | संबंधित क्षेत्र / थाना |
| उपनिरीक्षक (Sub-Inspectors) | 4 | शहर कोतवाली व सिविल लाइंस |
| एलआईयू उपनिरीक्षक (LIU Sub-Inspector) | 1 | एलआईयू मुजफ्फरनगर |
| आरक्षी / सिपाही (Constables) | 9 | शहर कोतवाली व सिविल लाइंस |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: मुजफ्फरनगर में कुल कितने पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है?
उत्तर: कुल 14 पुलिसकर्मियों (5 उपनिरीक्षक और 9 सिपाही) को निलंबित किया गया है।
Q2: सपा सांसद हरेंद्र मलिक के खिलाफ पुलिस कार्रवाई क्यों हुई?
उत्तर: सांसद को मुजफ्फरनगर स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट में रखा गया था, लेकिन वे सुरक्षा घेरे को चकमा देकर सहारनपुर पहुँच गए थे।
Q3: विवादित पोस्टर मामले में पुलिस की क्या कार्रवाई चल रही है?
उत्तर: पुलिस ने पोस्टर हटवा दिए हैं और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पोस्टर लगाने वाले संदिग्धों की पहचान की जा रही है।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख मीडिया रिपोर्ट्स और मुजफ्फरनगर पुलिस प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के आधार पर सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है।

