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सुरक्षाबलों ने उरी सेक्टर में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे आतंकवादी को किया ढेर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के कमलकोट उरी सेक्टर में सुरक्षाबलों के जवानों ने घुसपैठ की कोशिश कर रहे एक अज्ञात आतंकवादी को मार गिराया है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एलओसी पर एक संदिग्ध गतिविधि देखी गई. तलाशी के दौरान आतंकवादियों से संपर्क स्थापित हुआ. इसके बाद गोलीबारी के दौरान एक आतंकवादी मारा गया, जिसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है. घटना के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में चौकसी बढ़ा दी है.

दूसरी ओर से केंद्र शासित प्रदेश के कठुआ जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एक खेत में जंग लगा मोर्टार का गोला पड़ा मिला जिसे शनिवार को निष्क्रिय कर दिया गया.अधिकारियों ने बताया कि ट्रैक्टर चालक बालकृष्ण ने शनिवार दोपहर के समय हीरानगर सेक्टर में सीमा पुलिस चौकी चक्र के पास स्पालवान गांव के एक खेत में मोर्टार का गोला देखा. इसके बाद बम निरोधक दस्ते को तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया और मोर्टार का गोला बिना किसी नुकसान के निष्क्रिय कर दिया गया.

शोपियां में गैर कश्मीरी को बनाया था निशाना

एक दिन पहले शोपियां में आतंकवादियों ने गैर कश्मीरी शख्स को निशाना बनाया था. आतंकियों ने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी. अधिकारियों ने बताया कि बिहार के रहने वाले श्रमिक का शव दक्षिण कश्मीर जिले में जैनापुरा के वाची इलाके से बरामद किया गया. श्रमिक की पहचान अशोक चौहान के रूप में हुई, जो अनंतनाग के संगम इलाके में रहता था.

उपराज्यपाल बोले- न्याय के लिए हम संकल्पित हैं

घटना पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि मैं शोपियां में कायर आतंकवादियों द्वारा श्रमिक अशोक चौहान की नृशंस हत्या की कड़ी निंदा करता हूं. पूरा देश उनके परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है. हमारे सुरक्षा बल अपराधियों को पकड़ने और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं. उन्होंने आगे कहा कि दुख की इस घड़ी में चौहान के परिजनों और मित्रों के साथ उनकी संवेदनाएं हैं. मैंने जम्मू कश्मीर पुलिस और जिला प्रशासन को हर संभव सहायता देने का निर्देश दिया है. दूसरी ओर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी हत्या की निंदा की.

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साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।