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मैंने उद्धव ठाकरे के कारण छोड़ी थी शिवसेना : नारायण राणे

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. भाजपा सांसद नारायण राणे ने कहा है कि मैं जो कुछ भी हूं वो बाला साहेब ठाकरे की वजह से हूं. मैंने शिवसेना उद्धव ठाकरे की वजह से छोड़ी थी. उद्धव ठाकरे की सोच अच्छी नहीं है. इस बार के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में उन्हें 10-12 सीटों से ज़्यादा नहीं मिलने वाली हैं. महायुति के लगभग 161 विधायक इस बार के चुनाव जीतने वाले हैं. इस बार भाजपा, एनसीपी और शिवसेना का गठबंधन सत्ता में आएगा. विनोद तावड़े पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उनके साथ जो कुछ भी हुआ वो सही नहीं था. वो वरिष्ठ नेता हैं, ऐसा नहीं होना चाहिए था. उन्होंने कहा कि इतने बड़े नेता के साथ इस तरह का बर्ताव किया जाना बिल्कुल भी सही नहीं है. मुझे उनके साथ किया गया ये बर्ताव बिल्कुल भी पसंद नहीं आया.

उद्धव ठाकरे की बात न सुने जनता

नारायण राणे ने कहा कि उद्धव ठाकरे की बात जनता को नहीं सुननी चाहिए. महाराष्ट्र में और भी कई बड़े-बड़े नेता जो चुनाव लड़ रहे हैं, जनता को उनके साथ ही जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि हम भारी बहुमत से जीतेंगे. क्रिप्टो करेंसी को लेकर सवाल पूछे जाने पर नारायण राणे ने कहा कि आज के दिन हम किसी भी आरोप-प्रत्यारोप पर बात नहीं करेंगे.

यहां पर इंतजाम सही है दो दिन बाद आइए

महाराष्ट्र विधानसभा के परिणाम 23 नवंबर को आ जाएंगे. ऐसे में सवाल पूछने पर नारायण राणे ने कहा कि 2 दिन बाद यहां आइए परिणाम भी आ जाएंगे और इंतजाम भी बढ़िया रहेगा. उन्होंने पत्रकार से पूछा कि आपको हमारा जिला कैसा लग रहा है? पत्रकार ने जवाब दिया कि बहुत बढ़िया. सांसद नारायण राणे ने कहा कि आप चुनाव के परिणामों तक यहां रुकिए उसके बाद यहां से वापस जाइए. उन्होंने कहा कि पेड़े खाकर ही वापस जाइएगा. हमें पूरा कॉन्फिडेंस है कि हमारे दोनों ही बेटे चुनाव जीतेंगे. उन्होंने कहा कि उनके हार का तो कोई सवाल ही नहीं है.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।