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कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस में जम्मू व कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए हुआ गठबंधन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव का एलान हो गया है। प्रदेश में चुनावी तैयारियों को लेकर बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद राहुल गांधी श्रीनगर पहुंचे। मलिल्कार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा (Jammu Kashmir Election 2024) चुनावों को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस (National Conference) के नेता फारूक अब्दुल्ला व अन्य नेताओं से मुलाकात की। इस बैठक के बाद नेकां अध्यक्ष ने एलान किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस (Congress) और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) मिलकर सभी 90 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगी।

बैठक के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdulla) ने कहा, हम और कांग्रेस एक साथ हैं। सीपीआई-एम भी हमारे साथ जुड़े हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि हमारे लोग (नेकां नेता) भी हमारे साथ हैं। हमें भरोसा है कि इस चुनाव में हमारी जीत होगी। जम्मू-कश्मीर के लोग कई सालों से कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने के बयान पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य का दर्जा हम सभी के लिए महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, हमने इसका वादा किया है। इस राज्य ने बुरे दिन देखे हैं। हमें उम्मीद है कि राज्य को पूरी स्वायत्तता मिलेगी और हम इस मामले में हर तरह से इंडिया अलायंस के साथ खड़े हैं। प्रेसकर्मियों ने जब फारूक अब्दुल्ला से पूछा कि क्या वह जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे तो इसके जवाब में उन्होंने कहा (हंसते हुए) कि यह बेहतर है कि आप मुझसे यह सवाल न पूछें। मैं इसका जवाब नहीं दूंगा।

तीन चरणों में होंगे चुनाव

बीती 16 अगस्त को चुनाव आयोग ने जम्मू-कश्मीर व हरियाणा के लिए विधानसभा चुनाव का एलान किया था। 90 विधानसभा सीटों वाले जम्मू-कश्मीर में तीन चरणों में चुनाव होंगे। पहले चरण का चुनाव 18 सितंबर को होगा, दूसरे चरण का चुनाव 25 सितंबर और तीसरे चरण का चुनाव 1 अक्टूबर को होगा। वहीं, हरियाणा में एक ही चरण में सभी 90 सीटों पर चुनाव होंगे। चुनाव परिणाम 4 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।

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साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।