बुधवार, सितंबर 09 2026 | 04:49:58 PM

मुस्लिम लीग को दोबारा खड़ा करने की चाहत रखने वाला आतंकवादी जावेद मुंशी गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

कोलकाता. पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में एक खूंखार आतंकी को गिरफ्तार किया गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस और बंगाल पुलिस के एसटीएफ की टीम ने कश्मीर के आतंकी जावेद मुंशी को कैनिंग अस्पताल के पास से गिरफ्तार किया है। बता दें कि जावेद मुंशी पर कश्मीर में प्रतिबंधित तहरीक-ए-मुजाहिदीन संगठन के सदस्य होने का आरोप है। वह कई विध्वंसक गतिविधियों में शामिल रहा है। जम्मू-कश्मीर पुलिस को लंबे समय से जावेद मुंशी की तलाश थी।

बांग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान की यात्रा की

जानकारी के मुताबिक, जावेद मुंशी एक खूंखार आईईडी विशेषज्ञ और हथियार संचालक है। वह 2011 में अहल-ए-हदीस के नेता शौकत शाह की हत्या में शामिल था। आतंकवाद से संबंधित आरोपों के तहत कई बार जेल की सजा काट चुका है। पूछताछ में आतंकी जावेद मुंशी ने फर्जी पाकिस्तानी पासपोर्ट पर अपने आकाओं के निर्देश पर बांग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान की यात्रा करने की बात स्वीकार की है। पुलिस के मुताबिक, तहरीक-ए-मुजाहिदीन को पाकिस्तान से नियंत्रित किया जाता है और घाटी, पाकिस्तान और बांग्लादेश में अन्य आतंकवादी संगठनों के साथ उसके संपर्क हैं।

मुस्लिम लीग को पुनर्जीवित करना चाहता था- सरकारी वकील

आतंकी के पकड़े जाने पर सरकारी वकील विकास ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से पुलिस यहां ट्रांजिट रिमांड लेने के लिए यहां आई थी। सरकारी वकील ने बताया- “जावेद अहमद मुंशी नाम का 58 साल का एक शख्स मुस्लिम लीग को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से काम कर रहा था। कोर्ट ने 31 दिसंबर तक ट्रांजिट रिमांड का आदेश दिया है। पुलिस ने आंतकी के पास से एक किताब, एक सीडी, एक प्लास्टिक बैग और कई दस्तावेज जब्त किए हैं।

जम्मू-कश्मीर पुलिस को सौंपा गया

जानकारी के मुताबिक, आतंकी जावेद मुंशी को अलीपुर कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया गया है। आगे की जांच करने के लिए आंतकी को जम्मू-कश्मीर पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस ट्रांजिट रिमांड में लेने के बाद कश्मीर लौट आएगी।

साभार : इंडिया टीवी

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।