लोड हो रहा है...

सुरक्षाबलों ने कुपवाड़ा में 2 से 3 आतंकवादियों को घेरा, मुठभेड़ जारी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

जम्मू. जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ चल रही है. दहशतगर्दों के खिलाफ इस ऑपरेशन को भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस अंजाम दे रही है. बताया जा रहा है कि 2 से 3 आतंकियों का एक ग्रुप सुरक्षाबलों के घेरे में है. आशंका है कि इस ग्रुप ने एलओसी से घुसपैठ की है क्योंकि यह इलाका एलओसी से सटा हुआ है. सुरक्षाबलों को कुपवाड़ा के लोलाब के त्रुमखान इलाके में आतंकियों की गतिविधि के बारे में इनपुट मिला था. इस पर सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी शुरू की. इस दौरान खुद को घिरता देख आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी फायरिंग के साथ मुठभेड़ शुरू हो गई. फिलहाल दोनों ओर से भारी गोलाबारी जारी है.

पुंछ में आतंकियों ने की घुसपैठ की कोशिश

सुरक्षाबल जम्मू रीजन में भी आतंकियों के खिलाफ लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं. मंगलवार को आतंकियों ने पुंछ जिले में एलओसी (Line of Control) पर घुसपैठ की कोशिश की, जिसे आतंकियों ने नाकाम कर दिया. इसको लेकर व्हाइट नाइट कॉर्प्स की ओर से जानकारी दी गई है.

बट्टल सेक्टर में आतंकियों ने की नापाक हरकत

व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने कहा है कि बट्टल सेक्टर में तड़के तीन बजे आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की. सतर्क सेना के जवानों ने तुरंत एक्शन लिया और फायरिंग शुरू की. आतंकियों की ओर से भी फायरिंग की गई, जिसका जवानों ने माकूल जवाब दिया. इस तरह घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी.

इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं सुरक्षाबल

बताया जा रहा है कि भारी गोलीबारी के बीच जवानों ने आतंकियों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया लेकिन एक सैनिक घायल हो गया, जिसने मंगलवार को दम तोड़ दिया है. सुरक्षाबल इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं. बीते दिन आतंकियों ने जम्मू रीजन के राजौरी जिले में नापाक हरकत करने की कोशिश की थी. आतंकी एक सैन्य चौकी और ग्राम रक्षा दल सदस्य के घर पर हमले की साजिश रच रहे थे. इसकी भनक लगते ही जवानों ने मोर्चा संभाला और आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू किया था.

- Advertisement -

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।