मंगलवार, सितंबर 08 2026 | 01:01:50 AM

बिहार में 24 घंटे में फिर गिरे दो पुल, तीसरा गिरने के कगार पर

Saransh Kanaujia
3 Min Read

पटना. बिहार में एक बार फिर से पुलों के गिरने का सिलसिला शुरू हो चुका है. बीते 24 घंटे में अलग-अलग जगहों पर 2 पुल ध्वस्त हो चुके हैं. बता दें कि छोटे-बड़े पुलों को मिलाकर प्रदेश में बीते 3-4 महीनों के अंदर अबतक करीब 40 ब्रिज धरासाई हो चुके हैं. कहा जा रहा है कि इसके बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों की नींद नहीं खुली हुई है. लोगों का कहना है कि अगर लापरवाही का आलम यही रहा तो कई और पुल जमींदोज हो जाएंगे, क्योंकि प्रदेश में अभी भी ऐसे कई पुल हैं जो अपने छतिग्रस्त हो चुके हैं. ऐसा ही एक पुल मुजफ्फरपुर जिले में भी है. दरअसल, लंबे समय से मेंटेनेंस के अभाव के कारण मुजफ्फरपुर के दादर पुल पर खतरा मंडरा रहा है. यह पुल उत्तर बिहार के कई जिलों को जोड़ता है. इस पुल से हर रोज हजारों गाड़ियां गुजरती हैं. लंबे समय से मेंटेनेंस नहीं होने के कारण यह ब्रिज काफी जर्जर हो चुका है. बताया जा रहा है कि पुल पर कदम-कदम पर गड्ढे हैं और मॅटेनेंस नहीं होने से ये गड्डे और बड़े होते जा रहे हैं.

जानकारी के मुताबिक, यह पुल करीब 50 साल पुराना हो चुका है. इन 50 वर्षों में पुल की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि इसके ऊपर से जब वाहन गुजरते हैं तो वह हिचकोले खाने लगते हैं. एनएच से जुड़े होने के कारण यह पुल कभी भी वाहनों के दबाव को झेलने में जवाब दे सकता है, क्योंकि पुल के ज्वाइंट पर गैप बड़ा होने लगा है. पथ निर्माण विभाग को ओर से दादर पुल का लबे समय से मेंटेनेंस नहीं किया गया है. जिससे पुल पर कदम-कदम पर गड्ढे हैं और मॅटेनेंस नहीं होने से ये गड्डे और बड़े होते जा रहे हैं. इससे पुल की लाइफ कम होती जा रही है. इसके बाद भी पथ निर्माण विभाग इस पुल के मेंटेनेंस को लेकर उदासीन है.

साभार : जी न्यूज़

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article