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लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने नीतीश कुमार पर कसा तंज, फिर हटाया पोस्ट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

पटना. बिहार में सियासी तापमान बढ़ने लगा है. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर इशारों इशारों में कटाक्ष किया था. रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया एक्स पर नीतीश कुमार को लेकर तंज कसा था. रोहिणी ने कविताई शैली में लिखा- समाजवादी पुरोधा होने का करता वही दावा है, हवाओं की तरह बदलती जिनकी विचारधारा है. बताया जाता है कि रोहिणी के इस पोस्ट पर नीतीश कुमार भड़क गए. कैबिनेट बैठक में उन्होंने पोस्ट पर नाराजगी जताई और मीटिंग बीच में ही छोड़ दी. नीतीश की नाराजगी के बाद रोहिणी ने पोस्ट को डिलीट कर दिया.

रोहिणी आचार्य ने लिखा था कि खीज जताए क्या होगा, जब हुआ न कोई अपना योग्य, विधि का विधान कौन टाले, जब खुद की नीयत में ही हो खोट. रोहिणी आचार्य ने ताबड़तोड़ पोस्ट करके तीखा व्यंग्य कसा. रोहिणी ने इसके बाद जो लिखा, वह और भी कड़े शब्द हैं. लालू की बेटी ने एक्स पर लिखा- अक्सर कुछ लोग नहीं देख पाते हैं अपनी कमियां, लेकिन किसी दूसरे पे कीचड़ उछालने को करते रहते हैं बदतमीजियां..

रोहिणी की पोस्ट से नाराज हुए नीतीश

वहीं रोहिणी आचार्य की पोस्ट पर नीतीश कुमार खफा हो गए. नीतीश कुमार ने कैबिनेट की बैठक में ही तेजस्वी यादव से अपनी नाराजगी जाहिर कर दी. नाराज नीतीश कुमार कैबिनेट की बैठक छोड़कर बाहर निकल गए. जिसके बाद सभी मंत्री सकते में रह गए. इस पूरी कवायद से बिहार में सरकार के संकट के कयास लगाये जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कुछ कड़े फैसले लेने की तैयारी में हैं.

नीतीश ने बोला था परिवारवाद पर हमला

एक दिन पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर जन्म शताब्दी समारोह में राजनीति में परिवारवाद पर तीखा हमला बोला था. नीतीश कुमार ने कर्पूरी ठाकुर के राजनीतिक जीवन और उनकी ईमानदारी और शुचिता का हवाले देते हुए कहा था कि आज की तारीख में कुछ लोग अपने परिवार के सदस्यों को आगे बढ़ाने में लगे रहते हैं जबकि कर्पूरी ठाकुर ने कभी ऐसा नहीं किया. इसी के साथ उन्होंने ये भी कहा था कि हम उन्हीं के मार्ग पर चलने वाले लोग हैं.

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राज्यहित में फैसला लेने की कही थी बात

नीतीश कुमार ने कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने का ऐलान किये जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने दूसरी पोस्ट में नाम लिखकर धन्यवाद दिया था. साथ ही ये भी कहा था कि केंद्र ने उनकी एक मांग मान ली है अब दूसरी मांग भी मान ले. और उनकी दूसरी मांग है- बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देना. नीतीश कुमार ने इसी के साथ ये भी कहा था कि राज्य के हित में जो कुछ भी होगा, उसे वो करते रहेंगे.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।