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महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद के लिए देवेंद्र फडणवीस को मिला अजित पवार का समर्थन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. महाराष्ट्र में सरकार बनाने की तैयारी तेज हो गई है। इस बीच महायुति में सीएम पद को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। मिली जानकारी के अनुसार अजित पवार गुट की एनसीपी देवेंद्र फडणवीस के सीएम को बनाने के लिए राजी हो गई है। सूत्रों के मुताबिक रविवार को हुई मीटिंग में अजित पवार और उनके सभी विधायकों ने देवेंद्र फडणवीस को सीएम बनाने का समर्थन किया है। हालांकि शिंदे कैंप में अभी भी उनके विधायक चाहते हैं कि सीएम एकनाथ शिंदे ही बने रहें, क्योंकि लाडली बहना योजना सीएम एकनाथ शिंदे ने शुरू की थी, जिसका फायदा महायुति को हुआ।

शिंदे गुट सीएम पद की कर रहा मांग

शिंदे कैंप का मानना है कि आने वाले बीएमसी चुनाव और दूसरे म्युनिसिपल चुनावों में एकनाथ शिंदे के सीएम बनने से फायदा होगा। वहीं बीजेपी के नेता चाहते हैं कि सबसे ज्यादा सीट बीजेपी की है, इसलिए बीजेपी की तरफ से देवेंद्र फडणवीस को ही सीएम बनाना चाहिए। हालांकि आज महायुति के दलों के नेता देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे और अजित पवार दिल्ली जा सकते हैं, जहां अमित शाह और जेपी नड्डा से मुलाकात हो सकती है।

एक सीएम और दो डिप्टी सीएम का फॉर्मूला

सूत्रों के मुताबिक महाराष्ट्र में एक सीएम और दो डिप्टी सीएम का फॉर्मूला फिर से दोहराया जा सकता है। देवेंद्र फडणवीस का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। महायुति में अजित गुट की ओर से फडणवीस को सीएम बनाने पर कोई एतराज नहीं है। हालांकि आज फडणवीस, शिंदे और अजित पवार दिल्ली जा सकते हैं। वहीं माना जा रहा है कि अगर फडणवीस सीएम बने तो एकनाथ शिंदे और अजित पवार उपमुख्यमंत्री बन सकते हैं। यानी एक सीएम और दो डिप्टी सीएम के पुराने फॉर्मूले को ही लागू किया जा सकता है।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।