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बाहुबली शहाबुद्दीन की पत्नी हिना और बेटा ओसामा आरजेडी में शामिल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. बिहार के सिवान के पूर्व सांसद बाहुबली मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब ने आज आरजेडी का दामन थाम लिया है. वह आधिकारिक तौर पर पार्टी में शामिल हो गए हैं. रविवार को उन्होंने RJD की सदस्यता ली. इस दौरान तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव दोनों मौजूद रहे. ओसामा शहाब के लंबे समय से राजनीति में एंट्री की कवायद चल रही थी. अब फाइनली वह RJD में शामिल हो गए हैं. ओसामा अक्सर विवादों में रहते हैं. यही नहीं वह इन विवादों के चलते एक बार जेल भी जा चुके हैं. उन्हें मोतिहारी में गोलीबारी के एक मामले में जेल हुई थी. ओसामा का परिवार पहले से ही राजनीति में सक्रिय रहा है. उनके पिता मोहम्मद शहाबुद्दीन सीवान से RJD के ही सांसद रहे और उनकी मां RJD के टिकट पर सिवान लोकसभा का चुनाव लड़ चुकी हैं.

तेजस्वी यादव क्या कहा?

तेस्जवी यादव ने ओसामा के पार्टी में शामिल होने पर लिखा, “दिवंगत शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा पार्टी में शामिल हो गए हैं. इससे पार्टी मजबूत होगी. हम सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाएंगे. एक साथ आना और नफरत के खिलाफ काम करना जरूरी है. हम बिहार में शांति का माहौल बनाए रखने के लिए काम करेंगे.

पहले की मुलाकात

साल 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान RJD ने ओसामा की मां हिना शहाब को सिवान से लड़ने का ऑफर दिया गया था लेकिन हिना ने यह ऑफर ठुकरा दिया था और निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया था. अब ओसामा के साथ-साथ हिना शहाब भी RJD में फिर से शामिल हो गई हैं . इससे पहले हाल ही में ओसामा ने तेजस्वी यादव और सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की थी.

विधानसभा चुनाव

बिहार में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसको लेकर सभी पार्टियों ने अभी से दांव खेलने शुरू कर दिए हैं. अब ओसामा के RJD में शामिल होने को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि RJD उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट दे सकती है. क्योंकि उनकी मां और पिता दोनों ही आरजेडी से जुड़े रहे हैं. हालांकि मोहम्मद शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब के 2024 के लोकसभा चुनाव में बगावत कर दी थी लेकिन राजनीति कब क्या मोड़ ले ले, यह कोई नहीं जानता.

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साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।