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धर्मांतरण का आरोप लगने पर ईसाई महिलाओं ने किया हमला

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रायपुर. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के जूटमिल थाना क्षेत्र अंतर्गत सावित्री नगर से सनसनीखेज मामला सामने आया है। सावित्री नगर के एक मकान में धर्मांतरण कराने का आरोप लगा है। धर्मांतरण की खबर सामने आने के बाद मौके पर पुलिस पहुंच गई। आरोप है कि ईसाई समुदाय के कुछ लोगों द्वारा धर्मांतरण कराया जा रहा था। धर्मांतरण की खबर मिलते ही मौके पर आरएसएस और बजरंग दल के कार्यकर्ता भी पहुंच गए। जिसके बाद ईसाई समुदाय की महिलाओं ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों पर हमला कर दिया।

महिलाओं के हमले में कई लोगों को गंभीर रुप से चोटें आई हैं। आरोप है कि घर के भीतर चर्च बनाकर धर्मांतरण के काम को अंजाम दिया जा रहा था। हंगामे के बाद पुलिस ने धर्मांतरण करवाने वाले ईसाई समुदाय की महिलाओं और अन्य को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने बड़ी संख्या में किताब, सीसीटीवी के साथ अन्य सामान जब्त किया है।

लंबे समय से चल रहा है खेल
आरोप है कि सावित्री नगर में गुपचुप तरीके से लंबे समय से धर्मांतरण का खेल चल रहा था। हंगामे की सूचना पर पुलिस के बड़े अधिकारी और एसडीएम भी मौके पर पहुंचे। स्थानीय पार्षद पति मुक्तिनाथ प्रसाद बबुआ ने बताया कि मोहल्ले में धर्मांतरण की सूचना पर जब हम मौके पर पहुंचे तो पाया कि सूचना सही है। जब हमने इसका विरोध किया तो ईसाई महिलाओं ने हमला कर दिया। जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

सीएसपी अभिनव उपाध्याय ने बताया कि धर्मांतरण की सूचना पर एसडीएम के साथ पुलिस टीम मौके पर पहुंची और वहां से कुछ सामग्रियों को जब्त किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को थाने लाया गया है। हमें इस संबंध में आवेदन प्राप्त हुआ है। फिलहाल हम इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।

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साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।