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बारिश के चलते खदान में दबने से 10 लोगों की हुई मौत, कई अभी भी फंसे

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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आइजोल. शहर के बाहरी इलाके में स्थित पत्थर की एक खदान ढह जाने से 10 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में कई अन्य लोग लापता हो गए हैं। पुलिस ने बताया कि इलाके में आज सुबह लगातार बारिश की वजह से ये हादसा हुआ है। पुलिस के अनुसार घटना शहर के दक्षिणी बाहरी हिस्से में स्थित मेल्थम और ह्लिमेन के बीच के इलाके में सुबह करीब छह बजे हुई। पुलिस ने बताया कि ज्यादा बारिश होने की वजह से पत्थर की खदान के पास भूस्खलन हो गया, जिस वजह से ये हादसा हुआ है।

बचाव कार्य में रुकावट बन रही बारिश

वहीं शहर के बाहरी इलाके में हुए इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों के साथ-साथ प्रशासन के लोग भी बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। मिजोरम के डीजीपी ने भी इस हादसे को लेकर राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अभी तक 10 लोगों की मौत होने की पुष्टि की है। वहीं इस हादसे के बाद अभी भी कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। डीजीपी ने कहा है कि बचाव अभियान जारी है, लेकिन लगातार हो रही बारिश से इस कार्य में लगातार रुकावटें पैदा हो रही हैं।

नदियों का बढ़ा जलस्तर

मिजोरम के डीजीपी ने बताया कि बारिश की वजह से नदियों का जल स्तर भी बढ़ रहा है। फिलहाल नदी के किनारे वाले इलाकों में रहने वाले कई लोगों को हटा दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि बारिश के कारण राज्य में कई स्थानों पर भूस्खलन भी हुआ है। उन्होंने बताया कि हुनथर में राष्ट्रीय राजमार्ग छह पर भूस्खलन के कारण आइजोल देश के बाकी हिस्सों से अलग हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा कई अंतर-राज्य राजमार्ग भी भूस्खलन से प्रभावित हुए हैं। इस बीच बारिश के कारण राज्य के सभी स्कूल बंद कर दिए गए।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।