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एलजी ने हरी झंडी दिखा अमरनाथ यात्रा के लिए पहला जत्थे को किया रवाना

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का पहला जत्था शुक्रवार को जम्मू से रवाना हो गया है. श्रद्धालुओं को विदा करने से पहले उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू में अमरनाथ बेस कैंप में पूजा की और हरी झंडी दिखाई. साथ ही इस मौके पर मनोज सिन्हा ने कहा कि अमरनाथ यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों का पहला जत्था जम्मू से रवाना हो गया है. उन्होंने सुरक्षा की बात करते हुए कहा कि पिछले 3-4 वर्षों में यात्रा के लिए काफी इंतजाम किए गए हैं और इस बार भी जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सभी जरूरी इंतजाम किए हैं, सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

आज बेस कैंप भगवती नगर जम्मू से पहला जत्था बालटाल और पहलगाम के लिए रवाना हुआ. 29 जून को यात्रा शुरू होगी. यात्रा मार्ग पर सुरक्षाबलों की तैनाती को बढ़ा दिया गया है. इसके साथ ही ड्रोन और 365 एंगल के सीसीटीवी कैमरों से यात्री वाहनों पर नजर रखी जा रही है. जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर हर 500 मीटर और एक किलोमीटर की दूरी पर सुरक्षा चौकियां स्थापित की गई हैं.

यात्रा से पहले हुई मीटिंग

अमरनाथ यात्रा के लिए तीर्थयात्री काफी उत्साहित है. यात्रियों ने कहा कि हम पहली बार यात्रा करने आए हैं हमें बाबा ने बुलाया है और हम लोगों को भी कहना चाहते हैं कि बेफिक्र होकर बाबा के दर्शन करने आए. यात्रा को हरी झंडी दिखाने से एक दिन पहले यानी 27 जून को उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने यात्रा के सुरक्षा इंतजाम को लेकर एक मीटिंग की जिसमें सुनिश्चित किया गया कि यात्रा के दौरान हर तरह की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हो. साथ ही डॉक्टर, नर्स और राहत और बचाव की टीम भी तैनात हो यह भी सुनीश्चित किया गया. उप राज्यपाल ने कहा कि तीर्थयात्री जम्मू कश्मीर के ब्रांड एंबेसडर हैं.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।