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सुरक्षाकर्मियों ने सेना की एंबुलेंस पर हमला करने वाले तीनों आतंकवादियों को किया ढेर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. जम्मू-कश्मीर के अखनूर में आज सेना की एंबुलेंस पर गोलीबारी करने वाले तीनों आतंकवादियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया है। यह घटना बारामूला में हुए आतंकी हमले के कुछ दिन बाद हुई है जिसमें सेना के तीन जवान और दो नागरिक मारे गए थे। अखनूर के शिव मंदिर के पास बटाल में सुबह करीब 7 बजे सेना के एक एम्बुलेंस वैन पर आतंकवादियों ने गोलियां चला दीं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के बाद सभी आतंकवादियों को मार गिराया।

5 घंटे चला एनकाउंटर

जानकारी के अनुसार, सेना की एंबुलेंस पर हमला करने के बाद सभी आतंकी जंगल की ओर भाग गए थे। सेना ने इलाके को घेर कर आंतकियों की तलाश शुरू की। करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद सेना के जवानों ने तीनों आतंकियों को ढेर कर दिया। बता दें कि आर्टिकल 370 हटने के बाद से ही कश्मीर में टारगेट किलिंग की घटनाएं बढ़ी हैं, जिसमें खास तौर पर आतंकियों ने कश्मीरी पंडितों, प्रवासी कामगारों और यहां तक कि सरकार या पुलिस में काम करने वाले उन स्थानीय मुस्लिमों को भी निशाना बनाया है, जिन्हें वे भारत का करीबी मानते हैं। जम्मू-कश्मीर में 16 अक्टूबर से अब तक यह 5वां हमला है। इन हमलों में 3 जवान शहीद हुए हैं। वहीं, 8 गैर स्थानीय लोगों की मौत हुई है।

ऐसे किया था सेना की एंबुलेंस पर हमलासुरक्षाबलों ने बताया कि आतंकवादी भट्‌टल इलाके में जंगल से लगे शिव आसन मंदिर में एक मोबाइल ढूंढ रहे थे। उन्हें किसी को कॉल करनी थी। इसी दौरान आर्मी की एंबुलेंस गुजरी और आतंकवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि आतंकवादी पिछली रात बॉर्डर पार करके अखनूर में आए थे।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।