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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सांसद अफजाल अंसारी की सजा पर लगाई रोक

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. गाजीपुर से सपा सांसद अफजाल अंसारी (Afzal Ansari) को इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) से बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट ने अफजाल अंसारी की सजा पर रोक लगा दिया है. अफजाल अंसारी को गैंगस्टर मामले में मिली सजा पर रोक का फैसला अदालत ने सुनाया है. गौरतलब है कि एमपी एमएलए कोर्ट ने अफजाल को 4 साल की सजा सुनाई थी. अफजाल ने गैंगस्टर मामले में मिली सजा को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. सजा को रद्द करने के लिए क्रिमिनल अपील दायर की गयी थी. जस्टिस संजय कुमार सिंह की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई की.

4 जुलाई को अदालत ने रखी थी सजा सुरक्षित

मुख्तार अंसारी के भाई और गाजीपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने 2005 में भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या से जुड़े गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा उन्हें सुनाई गई चार साल की सजा को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.  इस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 4 जुलाई को सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार सिंह ने गैंगस्टर एक्ट में चार साल की कैद की सजा के खिलाफ गाजीपुर के सपा सांसद अफजाल अंसारी की क्रिमिनल अपील और सजा को बढ़ाने की मांग में दाखिल राज्य सरकार की अपील और दिवंगत विधायक कृष्णानंद राय के बेटे पीयूष राय की पुनरीक्षण याचिका पर लंबी सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था.

18 बार हुई सुनवाई

बता दें कि इस मामले में अफजाल की याचिका पर 18 बार सुनवाई हुई जिसके बाद फैसला सुरक्षित रखा गया था. 19 मई 2023 को पहली बार इस याचिका पर सुनवाई शुरू हुई थी और अब एक साल से भी ज्यादा वक्त बीत जाने के बाद आज फैसला आया है. कोर्ट के फैसले पर सबकी नजरें टिकी हुई थी.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।