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हाईकोर्ट में चलेगा संभल मस्जिद से जुड़ा मामला : सुप्रीम कोर्ट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. यूपी के संभल की शाही जामा मस्जिद में एडवोकेट कमीशन के सर्वे विवाद से जुड़े मामले में हिंदू पक्ष ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में कैविएट दाखिल कर दिया है. यह कैविएट संभल की जिला कोर्ट में सर्वे का वाद दाखिल करने वाले दो याचिकाकर्ताओं की तरफ से दाखिल किया गया है. वादी मुकदमा हरिशंकर जैन और पार्थ यादव ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में कैविएट दाखिल किया है. दोनों ही पेशे से अधिवक्ता हैं.

कैविएट के जरिए हाईकोर्ट से यह गुहार लगाई है कि अगर संभल की शाही जामा मस्जिद के सर्वे आदेश से जुड़े किसी मामले में कोई याचिका दाखिल होती है तो कोई भी आदेश जारी करने से पहले उन्हें भी सुना जाए. सुनवाई में उन्हें भी पक्षकार माना जाए. अदालत कोई फैसला सुनाने से पहले उन्हें भी अपना पक्ष रखने का मौका दे. यह कैविएट संभल के सिविल जज के 19 नवंबर के सर्वे आदेश से जुड़े मुकदमे को लेकर दाखिल की गई है.

सोमवार को दाखिल हो सकती है मुस्लिम पक्ष की अर्जी

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने आज संभल मामले की सुनवाई करते हुए मुस्लिम पक्ष को इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने को कहा है. उम्मीद जताई जा रही है कि मुस्लिम पक्ष इलाहाबाद हाईकोर्ट में जल्द ही अपनी अर्जी दाखिल कर सकता है. मुस्लिम पक्ष की अर्जी दाखिल होने पर कोर्ट अब कैविएट दाखिल करने वालों का पक्ष भी सुनेगी. मुस्लिम पक्ष द्वारा याचिका दाखिल करने पर मामले में सुनवाई अगले हफ़्ते ही होगी. हाईकोर्ट इस सुनवाई में फैसला सुनाने से पहले कैविएट दाखिल करने वालों को भी अपनी दलीलें पेश करने का मौका देगा.

हाईकोर्ट में कैविएट को सुप्रीम कोर्ट में आज होने वाली सुनवाई से पहले ही दाखिल कर दिया गया था. संभल कोर्ट में मुकदमा दाखिल करने वाले वादियों को पहले ही इस बात की आशंका थी कि सर्व आदेश को लेकर मुस्लिम पक्ष हाईकोर्ट जा सकता है. हालांकि मुस्लिम पक्ष हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल करने से पहले ही सुप्रीम कोर्ट चला गया. मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने आज हुई सुनवाई में सर्वे आदेश की प्रक्रिया पर फिलहाल अस्थाई तौर पर रोक लगा दी है. हाईकोर्ट में हिंदू पक्ष का कैबिनेट कई दिन पहले ही दाखिल हो चुका है.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।