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श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा स्थित वेंकटेश्वर मंदिर में भगदड़ मचने से 10 श्रद्धालुओं की मौत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

अमरावती. आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा में स्थिर वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में शनिवार को भगदड़ मच गई. जिसमें अब तक10 श्रद्धालुओं की मौत होने की खबर है. वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में उस वक्त भगदड़ मची जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवोत्थानी एकादशी के अवसर पर भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन करने मंदिर में पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि मंदिर में भीड़ बढ़ने से श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई. जिसमें कम से कम दस श्रद्धालुओं की मौत हो गई.  जबकि कई लोग घायल हो गए. जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और पीएम मोदी ने इस हादसे पर दुख जताया है.

मंदिर में राहत बचाव अभियान जारी

श्रीकाकुलम के वेंकटेश्वर मंदिर में शनिवार को मची भगदड़ के कितने लोग घायल हुए हैं. इनकी स्पष्ट जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है. हालांकि कई लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है. मंदिर में भगदड़ मचने के तुरंत बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई और सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया. इसके साथ ही पुलिस टीम भी मौके पर मौजूद है. फिलहाल मंदिर परिसर में राहत और बचाव काम जारी है.

जानें कैसे मची वेंकटेश्वर मंदिर में भगदड़

जानकारी के मुताबिक, इस मंदिर को करीब चार साल पहले ही मुकुंद पांडा नाम के भक्त ने बनवाना शुरू किया था. मंदिर को कुछ महीने पहले ही खोला गया था. बताया जा रहा है कि शनिवार को देवोत्थानी एकादशी के अवसर पर मंदिर में दर्शन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे. जानकारी के मुताबिक, मंदिर पहली मंजिल पर स्थित है. जिससे जिसकी सीढ़ियों के आसपास रेलिंग बनी हुई है. शनिवार को जब मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ी तो एक व्यक्ति रेलिंग टूटने की वजह से नीचे गिर गया. जिससे वहां भगदड़ मच गई.

आंध्र प्रदेश के सीएम ने जताई चिंता

श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा के वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में मची भगदड़ के मामले में आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने दुख जताया है. सीएम नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने लिखा, “श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा स्थित वेंकटेश्वर मंदिर में हुई भगदड़ की घटना से गहरा सदमा पहुंचा है.” उन्होंने आगे लिखा, इस दुखद हादसे में श्रद्धालुओं की मौत अत्यंत हृदयविदारक है. इसके साथ ही उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है. साथ ही अधिकारियों को घायलों जल्द और उचित उपचार करने का भी निर्देश दिया है.

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साभार : न्यूजनेशन

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।