लोड हो रहा है...

दिल्ली नगर निगम की 12 सीटों पर उपचुनाव में हुआ मात्र 31.13 प्रतिशत मतदान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. दिल्ली नगर निगम (MCD) के 12 वार्डों में रविवार को उपचुनाव हो गए. चुनाव आयोग के अनुसार, शाम 4 बजे तक कुल 31.13 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. उपचुनाव के लिए मतदान सुबह 7:30 बजे शुरू हुआ और शाम 5:30 बजे तक चला. इस चुनाव में कुल 51 उम्मीदवार भाग ले रहे हैं, जिनमें 26 महिला उम्मीदवार हैं. उपचुनाव के नतीजे 3 दिसंबर को घोषित कर दिए जाएंगे.

यहां हुआ सबसे ज्यादा मतदान
दिल्ली के संगम विहार-A वार्ड में सबसे ज्यादा मतदान दर्ज किया गया है, जबकि दूसरे वार्डों में वोटिंग अपेक्षाकृत धीमी रही. उपचुनाव उन सीटों पर हुए हैं, जो पार्षदों के विधायक बनने या अन्य कारणों से खाली हुई थीं. राज्य चुनाव आयोग ने 12 वार्डों में मतदान के लिए 143 केंद्रों पर 580 बूथ बनाए. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. मतदान प्रक्रिया में 2,320 चुनाव आयोग कर्मचारी, 580 होमगार्ड और 2,265 अन्य कर्मचारी शामिल थे. इसके अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 13 कंपनियां भी तैनात की गई थीं.

वार्डों और उम्मीदवारों की जानकारी
उपचुनाव निम्नलिखित 12 वार्डों में आयोजित हुए हैं, ग्रेटर कैलाश, शालीमार बाग-B, अशोक विहार, चांदनी चौक, चांदनी महल, दिचाओं कलां, नारैणा, संगम विहार-A, दक्षिणपुरी, मुंडका, विनोद नगर और द्वारका-B। इनमें से 11 सीटें पार्षदों के विधायक बनने के कारण खाली हुई थीं, जबकि द्वारका-B सीट 2024 में लोकसभा चुनाव जीतने के बाद खाली हुई.

महिला उम्मीदवारों
51 उम्मीदवारों में 26 महिलाएं शामिल हैं. BJP ने 8, AAP ने 6 और कांग्रेस ने 5 महिला उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं. मौजूदा समय में MCD में BJP के पास 116 और AAP के पास 98 पार्षद हैं. कई वार्डों में मुकाबला बेहद कड़ा है. खासकर शालीमार बाग-B में, जहां सीएम रेखा गुप्ता के पूर्व वार्ड में BJP की अनीता जैन और AAP की बबीता अहलावत आमने-सामने हैं.

- Advertisement -

साभार : जी न्यूज

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

- Advertisement -

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।