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भारत ने ऑस्ट्रेलिया को तीसरे टी20 मैच में 5 विकेट से हराकर सीरीज को 1-1 से बराबर किया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. टीम इंडिया ने टी20 सीरीज में जोरदार वापसी करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से हरा दिया. होबार्ट में खेले गए सीरीज के तीसरे टी20 मैच में टीम इंडिया ने अर्शदीप सिंह  की बेहतरीन गेंदबाजी और फिर वॉशिंगटन सुंदर की विस्फोटक पारी के दम पर ये जीत दर्ज की और 5 मैच की सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली. टीम इंडिया ने इस सीरीज में पहली बार टॉस जीता और उसका फायदा मैच में जीत के रूप में मिला. ऑस्ट्रेलिया ने पहले बैटिंग करते हुए 186 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था लेकिन टीम इंडिया ने ये स्कोर 19वें ओवर में 5 विकेट खोकर चेज कर लिया.

अर्शदीप-वरुण की बेहतरीन बॉलिंग

ऑस्ट्रेलिया ने इस मैच में पहले बैटिंग की लेकिन टीम में लौटे अर्शदीप सिंह (3/35) ने उसकी शुरुआत को खराब कर दिया. भारतीय पेसर ने तीसरे ओवर तक ही उसके दो विकेट गिरा दिए. मगर इसके बाद आए टिम डेविड (74) ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 23 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर दिया. हालांकि, वरुण चक्रवर्ती (2/33) ने एक ही ओवर में लगातार 2 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई पारी पर ब्रेक लगाने की कोशिश की. हालांकि डेविड और मार्कस स्टोइनिस ने हमला जारी रखा. डेविड के आउट होने के बाद स्टोइनिस (64) ने अपना अर्धशतक जमाते हुए मैथ्यू शॉर्ट (26 नाबाद) के साथ मिलकर टीम को 186 रन के स्कोर तक पहुंचाया.

सुंदर की धमाकेदार पारी

टीम इंडिया की ओर से एक बार फिर अभिषेक शर्मा (25) ने विस्फोटक शुरुआत की लेकिन इस बार वो अपनी पारी को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए, जबकि शुभमन गिल (15) का खराब दौर यहां भी जारी रहा. हालांकि कप्तान सूर्यकुमार यादव (24) ने आते ही ताबड़तोड़ छक्के-चौके बरसाते हुए टीम की रफ्तार को बरकरार रखा लेकिन वो भी ज्यादा देर नहीं टिक सके. यहां से तिलक वर्मा (29) ने एक तरफ से मोर्चा संभाला और टीम को 145 रन तक पहुंचाया. इस बीच क्रीज पर उतरे सुंदर ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की धुनाई शुरू कर दी. फिर जितेश शर्मा (22 नाबाद) के साथ मिलकर सुंदर ने टीम को 19वें ओवर में जीत तक पहुंचा दिया. हालांकि सुंदर अपना पहला अर्धशतक पूरा नहीं कर सके और 49 रन पर नाबाद लौटे.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।