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बिटकॉइन की कीमतें 30 दिनों में 23 प्रतिशत तक गिरी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई. क्रिप्टो करेंसी बाजार में बहुत तेजी से उतार-चढ़ाव आते रहते हैं. जिसके निवेशकों को कुछ दिनों या घंटों में तगड़ा मुनाफा और नुकसान दोनों हो जाता हैं. पिछले कुछ दिनों से क्रिप्टो बाजार में जबरदस्त बदलाव देखने को मिल रहा है. आंकड़ों की बात करें तो, पिछले 30 दिनों में क्रिप्टो बाजार करीब 14 प्रतिशत तक टूट गया है.

दुनिया की सबसे बड़ी और पुरानी क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन भी लगातार फिसल रही है. बिटकॉइन ने पिछले 30 दिनों में करीब 23 फीसदी की गिरावट दर्ज की है. जिससे निवेशकों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ हैं. आइए जानते हैं, आखिर इस गिरावट के पीछे की वजह क्या है?

क्रिप्टो बाजार में गिरावट की मुख्य वजह

बाजार जानकारों के अनुसार, क्रिप्टो बाजार में हुई गिरावट के कारण, निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं. बिटकॉइन फ्यूचर्स एक महीने में करीब 24 फीसदी तक टूट गए हैं, वहीं गोल्ड फ्यूचर्स में लगभग 7 फीसदी की उछाल देखने को मिल रही है.

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जिससे निवेशक गोल्ड और दूसरे निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित हो रहे हैं. साथ ही पिछले दिनों क्रिप्टो के बड़े और पुराने निवेशकों ने जमकर बिकवाली की. जिससे क्रिप्टो बाजार लाल हो गया. प्रॉफिट बुकिंग और अमेरिकी फेड की ब्याज दरों की कटौती को लेकर अनिश्चितता भी क्रिप्टो में हो रही इस गिरावट की वजह हो सकती है.

बिटकॉइन और दूसरे क्रिप्टो करेंसी का हाल 

कॉइनमार्केटकैप के अनुसार,  बिटकॉइन 86,914.44 डॉलर पर ट्रेड कर रही थी. पिछले दिन की तुलना में बिटकॉइन में करीब 1 फीसदी का उछाल दर्ज की जा रही है. एथेरियम करीब 1 फीसदी तक टूट गया है और यह 2,799.57 डॉलर पर ट्रेड कर रही है. टीथर और सोलाना क्रिप्टो करेंसी में भी हल्की गिरावट देखने को मिल रही है.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।