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वक्फ संशोधन बिल का समर्थन करने के कारण जेडीयू के दो मुस्लिम नेताओं ने दिया त्यागपत्र

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. ऐसा लग रहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की पार्टी ने वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन कर गलती कर दी है. मोहम्मद कासिम अंसारी के बाद जेडीयू के नेता मोहम्मद शाहनवाज मलिक ने भी इस्तीफा दे दिया है. वे जमुई के जिलाध्यक्ष थे. अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव भी थे. जेडीयू ने वक्फ संशोधन बिल का समर्थन किया है और इस्तीफे के पीछे का कारण यही है.

शाहनवाज मलिक ने जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को यह त्यागपत्र लिखा है. उन्होंने पार्टी के प्राथमिक सदस्य एवं अन्य जिम्मेदारियों से इस्तीफा दिया है. शाहनवाज मलिक ने इसकी जानकारी (कॉपी की प्रतिलिपि) जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा को भी दी है. पार्टी के अल्पसंख्यक प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद अशरफ अंसारी को भी इसके बारे में लिखित तौर पर बताया है.

मलिक ने क्या है लिखा है पत्र में?

इस्तीफा वाला पत्र गुरुवार (03 अप्रैल, 2025) की तारीख का है. जेडीयू नेता और विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे मोहम्मद कासिम ने अपने इस्तीफा जो बात लिखी थी वही बात शाहनवाज मलिक ने भी लिखी है. कहा जाए तो पूरी लाइन ही वही है. सीएम नीतीश कुमार के लिए मलिक ने त्यागपत्र में लिखा है, “हम जैसे लाखों-करोड़ों भारतीय मुसलमानों का अटूट विश्वास था कि आप विशुद्ध रूप से सेक्युलर विचारधारा के ध्वजवाहक हैं, लेकिन अब यह यकीन टूट गया है.”

‘जेडीयू और नीतीश कुमार दोनों को अलविदा कहता हूं’

शाहनवाज मलिक ने कहा कि नीतीश कुमार ने वक्फ पर समर्थन दिया है यह बहुत ही अफसोस की बात है. इसके चलते मैं आज इस्तीफा दे रहा हूं. जिस तरह से ललन सिंह ने तेवर के साथ अपनी बात रखी है यह हम लोगों के लिए बहुत ही दुखद है. बहुत इंतजार के बाद, बहुत उम्मीद के बाद, सारी बात सामने आने के बाद हम मुसलमानों का दिल टूटा है. जेडीयू और नीतीश कुमार दोनों को अलविदा कहता हूं.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।