- भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधान सभा के आम चुनाव, 2025 और 8 विधान सभा सीटों के लिए उपचुनावों की घोषणा कर दी है। आयोग ने राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) लागू करने के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
- सी-विजिल पर दर्ज शिकायतों पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पूरे बिहार में 824 उड़न दस्ते तैनात किए गए हैं।
- 03 नवंबर, 2025 तक विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से बहु-प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा 108.19 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध राशि जब्त की गई है, जिनमें 9.62 करोड़ रुपये नकद, 42.14 करोड़ रुपये (9.6 लाख लीटर) मूल्य की शराब, 24.61 करोड़ रुपये मूल्य की दवाएं, 5.8 करोड़ रुपये मूल्य की कीमती धातुएं और 26 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की अन्य मुफ्त वस्तुएं शामिल हैं।
- आयोग ने सभी प्रवर्तन प्राधिकारियों को चुनाव के दौरान नकदी, मादक पदार्थ, शराब और अन्य प्रलोभनों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखने और उन्हें जब्त करने का निर्देश दिया है।
- आयोग ने इस बात पर भी बल दिया कि प्रवर्तन प्राधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इन निर्देशों के प्रवर्तन के लिए जांच और निरीक्षण के दौरान आम नागरिकों को असुविधा या परेशानी न हो।
- नागरिक/राजनीतिक दल ईसीआईएनईटी पर सी-विजिल ऐप का उपयोग करके आदर्श आचार संहिता से जुड़े उल्लंघनों की रिपोर्ट कर सकते हैं।
- एक शिकायत निगरानी प्रणाली भी स्थापित की गई है, जिसके माध्यम से कोई भी आम नागरिक या राजनीतिक दल संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी/क्षेत्रीय निर्वाचन अधिकारी के पास कॉल सेंटर नंबर 1950 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। यह निगरानी प्रणाली चौबीस घंटे कार्यरत है।
बिहार चुनाव और उपचुनाव 2025 : 100 करोड़ रुपये से अधिक की जब्ती

लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।
