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अभिनेता रणवीर सिंह के खिलाफ बेंगलुरु के एक वकील ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. एक्टर रणवीर सिंह विवादों में हैं. फिल्म कांतारा के दैव सीन की नकल उतारने की वजह से उन्हें ट्रोल किया गया. अब बेंगलुरु बेस्ड वकील ने रणवीर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है.

रणवीर सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज

वकील ने हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने रणवीर सिंह पर फिल्म कंतारा में दिखाई गई पारंपरिक तुलु पूजा की प्रथा का अपमान करने का आरोप लगाया गया है.

रणवीर सिंह पर लगा धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप

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शिकायत के मुताबिक, एक्टर ने कथित तौर पर पंजुर्ली/गुलिगा दैव की नकल उतारी. वकील का दावा है कि ये परफॉर्मेंस अशिष्ट, अपमानजनक. जिससे हिंदू धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंची, खासकर तुलु बोलने वाले समुदाय के बीच.

पीटीआई के मुताबिक, वहीं  हिंदू जनजागृति समिति (एचजेएस) ने सोमवार को रणवीर सिंह के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. आरोप लगाया कि रणवीर ने गोवा में आयोजित 56वें ​​भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के समापन समारोह के दौरान देवी चामुंडादेवी का अपमान किया. शिकायत के मुताबिक, रणवीर ने कन्नड़ फिल्म ‘कांतारा-चैप्टर 1’ में दिखाए गए देवता के दिव्य रूप की मंच पर नकल की थी और कोटिटुलु समुदाय में पूज्यनीय चामुंडी दैव को ‘‘महिला भूत’’ कहा था.

णवीर सिंह ने मांगी माफी

बता दें कि गोवा में हुए आईएफएफआई में रणवीर ने ऋषभ शेट्टी की तारीफ की थी. उन्होंने ऋषभ की फिल्म कांतारा की तारीफ की थी. इसी दौरान उन्होंने फिल्म के दैव सीन की नकल उतारी और दैव को भूत कहा. जिसके बाद से वो विवादों में आ गए हैं. विवाद बढ़ता देख रणवीर सिंह ने माफी भी मांगी थी.

रणवीर सिंह ने लिखा, ‘मेरा इरादा ऋषभ शेट्टी के फिल्म कांतारा: चैप्टर 1 में अमेजिंग काम को हाईलाइट करने का था. एक्टर होने के नाते मैं जानता हूं कि उस सीन को करने में कितनी मेहनत और ट्रेनिंग लगी होगी. खासतौर पर ऋषभ ने जिस तरह से उसे परफॉर्म किया.  इसके लिए उनकी बहुत सराहना की गई. मैं हमेशा से हमारे देश के सभी कल्चर की इज्जत करता रहा हूं. अगर मैंने किसी का दिल दुखाया है तो दिल से माफी मांगता हूं.’

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साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।