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बांदीपोरा में सेना की गाड़ी खाई में गिरने के कारण 4 जवानों का बलिदान, 2 घायल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

जम्मू. जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में एक बड़ा हादसा हो गया है. यहां सेना की गाड़ी खाई में गिर गई है. इस हादसे में चार जवान शहीद हो गए हैं जबकि दो जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है. घायल जवानों को श्रीनगर रेफर किया गया है.अधिकारी ने बताया कि एसके पायीन के पास बांदीपोरा-श्रीनगर रोड पर सेना का एक वाहन फिसलकर गहरी खाई में गिर गया. इस हादसे में छह जवान गंभीर रूप से घायल हो गए.

घायलों को तुरंत बांदीपोरा के जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां तीन जवानों को मृत घोषित कर दिया गया. गंभीर रूप से घायल जवानों को बेहतर इलाज के लिए श्रीनगर ले जाया गया. हालांकि, उनमें से एक ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. बाकी घायल जवानों को इलाज के लिए श्रीनगर रेफर कर दिया गया है. हादसे के बाद भारी संख्या में स्थानीय लोग भी सूचना पाकर घटनास्थल पर पहुंच गए थे. वाहन खाई में गिरा था इसलिए वो किसी भी प्रकार का मदद भी नहीं कर सके. इसके बाद उन्होंने घटना की सूचना पुलिस को दी. इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में स्थानीय लोग मदद करते हुए भी नजर आए.

पिछले हफ्ते भी कुछ इसी तरह की देखने को मिली थी, जब पुछ सेक्टर में सेना का ट्रक 300 फीट गहरी खाई में गिर गया था. इस घटना में 5 जवानों की मौत हो गई थी जबकि 5 जवान घायल हुआ थे. 11 मराठा रेजिमेंट के ये सभी जवान एक गाड़ी में सवार होकर लाइन ऑफ कंट्रोल (LOC) की ओर जा रहे थे, लेकिन बीच रास्ते मं गाड़ी हादसे का शिकार हो गई.

ढाई टन वजनी था ट्रक

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सेना के जो ट्रक हादसे का शिकार हुआ था, उसका वजन करीब ढाई टन के आसपास था. जो गाड़ी खाई में गिरी वो सेना की 6 गाड़ियों वाले काफिले में शामिल थी. गाड़ी एलओसी की तरफ जा रही थी. वाहन में 15-18 सैनिक सवार थे जिनमें से 5 की मौत हो गई.

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साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।