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डीजीसीए ने 48 घंटों के अंदर फ्लाइट टिकट कैंसिल करने पर अतिरिक्त चार्ज न लगाने का रखा प्रस्ताव

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई. नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) एयर ट्रैवल करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत देने की तैयारियां में जुटा हुआ है। जी हां, हवाई यात्रियों को जल्द ही एयर टिकट बुक के बाद 48 घंटों के भीतर बिना किसी एडिशनल चार्ज के टिकट कैंसिल करने या उसमें कोई बदलाव करने की छूट मिल सकती है। डीजीसीए ने टिकट रिफंड के नियमों में महत्वपूर्ण बदलावों का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा, नागर विमानन महानिदेशालय ने प्रस्ताव दिया है कि ट्रैवल एजेंट और पोर्टल के माध्यम से टिकट खरीदने की स्थिति में रिफंड का दायित्व एयरलाइन कंपनियों का होगा, क्योंकि एजेंट उनके द्वारा नियुक्त किए गए प्रतिनिधि होते हैं।

एयर टिकट रिफंड से संबंधित चिंताओं को ध्यान में रखते हुए बनाए जा सकते हैं नए नियम

DGCA ने हवाई टिकटों के रिफंड से संबंधित नागर विमानन आवश्यकता (CAR) में बदलावों पर विचार करते हुए कहा कि एयरलाइन कंपनियों को ये सुनिश्चित करना होगा कि रिफंड की प्रक्रिया 21 दिनों के भीतर पूरी हो जाए। प्रस्तावित बदलाव एयर टिकट रिफंड से संबंधित चिंताओं और मुद्दों की पृष्ठभूमि में किए गए हैं।

टिकट बुक करने के बाद 48 घंटे तक मिलेगा ‘Look-in option’ 

ड्राफ्ट सीएआर के अनुसार, “अगर कोई यात्री सीधे एयरलाइन कंपनी की वेबसाइट से टिकट बुक करता है, तो बुकिंग के 24 घंटे के भीतर यात्री द्वारा त्रुटि बताए जाने पर एयरलाइन उस व्यक्ति के नाम में सुधार के लिए कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लगाएगी।” डीजीसीए के प्रस्ताव के अनुसार, एयरलाइन कंपनी टिकट बुक करने के 48 घंटे बाद तक ‘Look-in option’ प्रदान करेगी। इस अवधि के दौरान, यात्री बिना कोई अतिरिक्त पैसे दिए टिकट कैंसिल या संशोधित कर सकते हैं, सिवाय उस संशोधित उड़ान के सामान्य प्रचलित किराए के जिसके लिए टिकट में संशोधन किया जाना है।”

हितधारकों से 30 नवंबर तक मांगी गईं हैं टिप्पणियां

ड्राफ्ट सीएआर में कहा गया है कि अगर कोई यात्री टिकट बुक करने के 48 घंटे बाद टिकट कैंसिल करता है तो उसके लिए ये सुविधा उपलब्ध नहीं होगी और उसे संशोधन के लिए तय किया गया कैंसिलेशन चार्ज का भुगतान करना होगा।” डीजीसीए ने ड्राफ्ट सीएआर पर हितधारकों से 30 नवंबर तक टिप्पणियां मांगी हैं।

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।