लोड हो रहा है...

अमेरिका का घातक फाइटर जेट F-16 क्रैश होकर आग का गोला बन गया, हालांकि पायलट सुरक्षित बच गया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

वाशिंगटन. अमेरिका के सबसे घातक लड़ाकू विमानों में से एक एफ-16 कैलीफोर्निया के रेगिस्तान में क्रैश हो गया. हालांकि फाइटर जेट के गिरने के पहले ही एयरफोर्स का पायलट सुरक्षित बाहर निकल गया. सैन्य अधिकारियों का कहना है कि फाइटर जेट एफ-16 थंडरबर्ड्स कैलीफोर्निया के रेगिस्तान में क्रैश हो गया. हादसे का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एफ-16 तेजी से नीचे आते दिख रहा है और फिर धड़ाम से नीचे गिरते ही आग के गोले में तब्दील हो गया. हालांकि पायलट पैराशूट के जरिये बाहर निकल गया और अपनी जान बचाने में कामयाब रहा.

थंडरबर्ड्स दस्ते का एक लड़ाकू विमान दक्षिणी कैलिफोर्निया में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. लेकिन पायलट समय रहते प्लेन से इजेक्ट कर गया और पैराशूट से सुरक्षित तरीके से बाहर निकल गया. पायलट का अस्पताल में इलाज किया जा रहा है और उसे जानलेवा चोट नहीं लगी है.

अमेरिकी एयरफोर्स ने एक बयान में कहा है कि  F-16C Fighting Falcon सुबह 10.45 बजे ट्रेनिंग मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. अग्निशमन विभाग का कहना है कि ट्रोना इलाके में एयरक्रॉफ्ट इमरजेंसी का अलर्ट आया था. यह लास एंजिलिस से 180 मील दूर मोजावे रेगिस्तान में जाकर गिरा. इसी इलाके में 2022 में Navy F/A-18E Super Hornet प्लेन क्रैश हुआ था, लेकिन उसमें पायलट की मौत हो गई थी.वायुसेना ने कहा है कि हादसे की वजहों की जांच हो रही है.

अमेरिकी एयरफोर्स के एक दर्जन से भी ज्यादा फाइटर जेट ब्लू एंजेल्स और थंडरबर्ड्स पिछले एक दशक के दौरान क्रैश हुए हैं. अमेरिका एफ-16 थंडरबर्ड्स,एफ-16 फाल्कन, एफ-22 रैप्टर और ए-10 फाइटर जेट भी क्रैश हो चुके हैं. हालांकि अमेरिकी एयरफोर्स अब एफ-35 लड़ाकू विमानों का नया बेड़ा अब इस्तेमाल कर रही है. ये एफ-16 का ही उन्नत संस्करण है. इसके साथ ही एफ-47 फाइटर जेट तैयार करने में भी डोनाल्ड ट्रंप सरकार जुटी है.

- Advertisement -

साभार : एनडीटीवी

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

- Advertisement -

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।