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पुलिस ने महाराष्ट्र में 13 अवैध बांग्लादेशियों को किया गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई. देश में इस समय बांग्लादेशियों की घुसपैठ बड़ा मुद्दा हो गया. झारखंड चुनाव के बाद अब दिल्ली चुनाव में भी यह मुद्दा छा गया है. वहीं महाराष्ट्र में बांग्लादेशियों को लेकर एक बड़ी खबर आई है. इसी क्रम में मुंबई में घाटकोपर पुलिस ने 13 अवैध बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है. ये सभी बांग्लादेशी नालासोपारा में रह रहे थे. दरअसल पूरे देश में बांग्लादेशियों को खिलाफ बड़ा एक्शन चल रहा है. पुलिस ने शुरुआत में एक बांग्लादेशी को पहले गिरफ्तार किया गया था. जांच के दौरान 13 और बांग्लादेशी मिले हैं. पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया है. ये सभी नागरिक नालासोपारा में अवैध रूप से रह रहे थे.

500 रुपये देकर बनाया फर्जी आधार कार्ड

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कुछ दिन पहले बांग्लादेश के एक नागरिक ने भिवंडी में 500 रुपये देकर फर्जी आधार कार्ड बनवा लिया था. इसके बाद वह भारतीय होने का दावा करते हुए पुणे में बस गया. चार रोहिंग्याओं के साथ वह जुलाई में म्यांमार से बांग्लादेश आया था. इसके बाद बांग्लादेश से सीधे पुणे के देहुर रोड इलाके में गांधीनगर आ गया.

80 हजार में खरीदी जगह

पिंपरी चिंचवड़ पुलिस की एटीएस को जानकारी मिली कि ये चारों लोग इलाके में अवैध रूप से रह रहे हैं. इसके बाद पुलिस ने इन चारों के खिलाफ कार्रवाई की. लेकिन उनमें से एक एम. खान ने पुणे में 80 हजार रुपये में एक जगह खरीदी और उस जगह पर घर बनाकर अपना जीवन शुरू किया. जैसे ही पुलिस को सूचना मिली तो पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई की. गौरतलब है कि फर्जी पासपोर्ट गिरोह के मास्टरमाइंड मनोज गुप्ता को कुछ दिन पहले पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार किया था. वह दस साल से अधिक समय से टूर-ट्रैवल व्यवसाय की आड़ में पासपोर्ट धोखाधड़ी का कारोबार चला रहा था. वह अब तक 100 से ज्यादा बांग्लादेशी नागरिकों को जाली भारतीय पासपोर्ट के जरिए विदेश भेज चुका है.

साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।